चमोली के नारायणबगड़ में बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले की विवेचना राजस्व पुलिस से लेकर सिविल पुलिस को सौंप दी गई है। सीओ कर्णप्रयाग को 15 दिन में वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना पूरी करने के लिए कहा गया है। आईजी संजय गुंज्याल ने दावा किया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से इस मामले की सुनवाई कराई जाएगी, ताकि जल्द से जल्द आरोपी को दंडित कराया जा सके।
सिविल पुलिस करेगी जांच
पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने बताया कि चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में बच्ची की रेप के बाद हत्या की घटना बेहद गंभीर है।
मामले की विवेचना राजस्व पुलिस से लेकर सिविल पुलिस के सुपुर्द कर दी गई है। चमोली के जिलाधिकारी से रात में विवेचना स्थानांतरण को लेकर उनकी बात हो गई थी।
जुटाने होंगे वैज्ञानिक साक्ष्य
आरोपी और पुलिस से बर्खास्त सिपाही को सजा दिलाने के लिए राजस्व पुलिस से अच्छी विवेचना सिविल पुलिस ही कर सकती है, क्योंकि इसके लिए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने होंगे। सीओ कर्ण प्रयाग को हत्याकांड की विवेचना सौंपी गई है।
उन्हें 15 दिन में प्राथमिकता के आधार पर विवेचना निस्तारित करने के लिए कहा गया है। आईजी ने बताया कि बढ़ते अपराध के मद्देनजर चमोली के एसपी को नारायणबगड़ इलाके में नए थाने का प्रस्ताव तैयार कर बुधवार तक भेजने के लिए कहा गया है, ताकि उसे शासन की स्वीकृति को भेजा जा सके।