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भाई को गुलदार के हमले से बचाने वाली बहादुर बहन का है ये सपना

Wed, 13 Nov 2019 10:30 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal नरेश थपलियाल , अमर उजाला, कोटद्वार

सार

  • कोटद्वार पहुंची राखी बोली, दिल्ली के अच्छे स्कूल में लेना चाहती है आगे की शिक्षा 
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- फोटो : अमर उजाला
अपने मासूम भाई को गुलदार के हमले से बचाने वाली बहादुर बच्ची राखी रावत दिल्ली के अच्छे स्कूल में शिक्षा लेने के बाद सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती है। बीरोंखाल ब्लॉक के देवकुंडाई गांव निवासी दलवीर सिंह रावत और शालिनी देवी की बहादुर बेटी गत चार अक्तूबर को अपनी मां के साथ खेत से लौट रही थी।
 
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- फोटो : अमर उजाला
तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे गुलदार ने उसके चार साल के छोटे भाई राघव पर हमला कर दिया था। राखी अपने जान की परवाह न करते हुए भाई को अपने सीने से चिपकाकर उसके ऊपर लेट गई। इस दौरान गुलदार के हमले में बुरी तरह से जख्मी होने के बाद भी उसने भाई को नहीं छोड़ा। 
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- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में इलाज कराने के बाद मंगलवार को कोटद्वार पहुंचने पर लोगों ने उसका भव्य स्वागत किया। इस दौरान राखी के साथ फोटो खिंचाने व सेल्फी लेने वालों की होड़ लगी रही। लोगों ने राखी की जुबानी उसकी बहादुरी की दास्तां सुनी।
 

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अपने भाई को बचाने के जान लगाई दाव पर - फोटो : अमर उजाला
राखी ने भी लोगों के सभी सवालों का बेबाकी के साथ जवाब दिया। इस दौरान अमर उजाला से बातचीत में राखी ने बताया कि वह अपने गांव के नजदीक राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरकंडाई में कक्षा पांच की छात्रा है। उसने हर वर्ष अपनी कक्षा प्रथम श्रेणी में पास की है।
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गुलदार के हमले में भाई को बचाने वाली राखी - फोटो : फाइल फोटो
पांचवीं के बाद वह दिल्ली के एक अच्छे स्कूल में आगे की शिक्षा लेना चाहती है। उसके दादाजी जगत सिंह रावत सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनसे प्रेरणा लेकर वह पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय सेना में अफसर बनकर देश को अपनी बहादुरी का जज्बा दिखाना चाहती है।
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- फोटो : फाइल फोटो
राखी ने बताया कि आज भी उनके गांव और क्षेत्र में गुलदार की जबरदस्त दहशत है। वन विभाग उनके गांव से दो गुलदार पकड़ चुका है, लेकिन क्षेत्र में लगातार गुलदार दिखाई देने से आज भी खतरा कायम है। सरकार को गुलदार से लोगों की रक्षा के लिए कार्य करना चाहिए।
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