फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून: गिरधारी ने पत्नी के मंत्री होने का हवाला देकर जताया गिरफ्तारी का डर, कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज

Sun, 18 Oct 2026 09:05 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, जौलीग्रांट(देहरादून)

सार

गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कैंट थाने में उनकी पत्नी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज है। इसमें आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, जालसाजी, प्रताड़ना और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में आरोप लगाए गए हैं।
विज्ञापन
मंत्री रेखा आर्या और उनके पति - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी को अदालत ने अग्रिम जमानत नहीं दी है। आरोपी ने अपनी याचिका में आशंका जताई थी कि पत्नी के राजनीतिक पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर उसे गिरफ्तार कराया जा सकता है।

विज्ञापन


विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई के शुरुआती स्तर पर ही खारिज कर दी। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) अंजली बेंजवाल की अदालत ने शनिवार को यह आदेश दिया।

गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कैंट थाने में उनकी पत्नी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज है। इसमें आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, जालसाजी, प्रताड़ना और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में आरोप लगाए गए हैं।
विज्ञापन


अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई से उर्मिला सनावर से चार घंटे की पूछताछ, कहा-टीम के पास नहीं हैं ठाेस साक्ष्य

Trending Videos
विज्ञापन

बंद कमरे में घटना होने की दी दलील

बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि दोनों की शादी को 22 साल हो चुके हैं और विवाद घरेलू व आर्थिक प्रकृति का है। अधिवक्ताओं ने कहा कि कथित जातिसूचक टिप्पणी निजी बंद कमरे में की गई थी, जहां आम जनता की मौजूदगी नहीं थी। राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक गोविंद सिंह ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि मंत्री के सरकारी आवास पर स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।

अदालत ने माना कि निजी परिसर में भी अन्य लोगों की मौजूदगी में अपमान होने पर वह स्थान पब्लिक व्यू के दायरे में आ सकता है। कर्मचारियों की मौजूदगी और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच साक्ष्यों के आधार पर होगी। अदालत ने एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत अग्रिम जमानत पर कानूनी प्रतिबंध को देखते हुए याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें