सहस्रधारा रोड पर प्रस्तावित रहे जीआईपी मॉल के लिए एनआरआई से लेकर खेल जगत के सितारों ने करोड़ों रुपये निवेश किए। यह निवेश उन्हें नोएडा के जीआईपी मॉल की भव्यता को दिखाकर कराया गया था। अब इन सभी निवेशकों का करोड़ों रुपये लगभग डूब चुका है। मामले में जब उन्हें रेरा से कोई मदद नहीं मिली तो उन्होंने अब पुलिस का सहारा लिया है। पुलिस ने अब तक दो मुकदमे दर्ज कर लिए हैं। पुलिस के अनुसार जल्द ही कुछ और निवेशक भी सामने आ सकते हैं।
बात 2011 की है। उस वक्त की देश की प्रतिष्ठित यूनिटेक रियल एस्टेट कंपनी ने सहस्रधारा रोड पर एक मॉल के निर्माण का प्रस्ताव रखा था। उस वक्त शहर में सबसे बड़ा मॉल पैसिफिक था। यह 1.5 लाख वर्ग फीट में बना हुआ है। लेकिन, जीआईपी मॉल बनाने का दावा करने वाली इस कंपनी ने कहा था कि यह मॉल पांच लाख वर्ग फीट में बनेगा। जीआईपी मॉल नोएडा में उस वक्त का सबसे बड़ा मॉल हुआ करता था। कंपनी ने देहरादून के निवेशकों को बताया था कि इसमें क्रिकेट जगत के कुछ सितारों ने भी निवेश किया है। इस पूरे प्रोजेक्ट को एक हजार करोड़ रुपये तक का बताया गया।
यह देखकर देहरादून के कुछ एनआरआई ने 2012, 2013 और 2014 में इस प्रोजेक्ट में निवेश कर दिया। निवेशक संजीव शर्मा ने बताया कि उन्हें तीन दुकानें देने का वादा किया गया था। इसके लिए उन्हें करीब दो लाख रुपये किराया मिलने की गारंटी भी दी गई थी। लेकिन, कंपनी ने 2016 में इस पर काम रोक दिया। कंपनी ने शुरुआत में उन्हें बताया कि वह जल्द ही काम शुरू कर देंगे। मगर, इसी बीच खबर आई कि कंपनी के खिलाफ नोएडा में भी बड़ी कार्रवाई हुई और यह पूरी तरह से बंद हो चुकी है। निवेशकों ने यूनिटेक की शाख को देखकर ही पैसा लगाया था। ऐसे में जब काम बंद हो गया तो उन्होंने रेरा में इसकी शिकायत की लेकिन रेरा से कोई निर्णय नहीं आया।
16 निवेशक आ चुके हैं पुलिस के सामने
इस मामले में पहले निवेशक रेरा और सरकार की ओर ही देखते रहे। लेकिन, अब उन्होंने पुलिस को शिकायत करना शुरू कर दिया है। एसओ राजपुर जितेंद्र चौहान ने बताया कि पहला मुकदमा रुद्रपुर के रहने वाले एक निवेशक ने मई माह में दर्ज कराया था। इसके बाद अब पिछले सप्ताह संजीव शर्मा की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ सेलीब्रिटीज का पैसा भी इस प्रोजेक्ट में लगा है। लेकिन, अभी कोई सामने नहीं आया है। अब तक कुल 16 निवेशक ही सामने आए हैं।