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नए सीएम पर विधायकों का मन टटोलने आएंगे आजाद!

Tue, 28 Jan 2014 11:10 AM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली/देहरादून
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उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा के बीच अब कांग्रेस हाईकमान की ओर से पर्यवेक्षक भेजने की संभावना जताई जा रही है।
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राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गरम
माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान की ओर से एक बार फिर गुलाम नबी आजाद को विधायाकों की राय जानने के लिए देहरादून भेजा जा सकता है। उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन पर दिल्ली से देहरादून तक राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गरम है।

कांग्रेस इन अटकलों की न तो पुष्टि कर रही है और न ही इसको खारिज कर रही है। हरीश रावत के अलावा सोमवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के दावेदार हरक सिंह रावत, इंदिरा हृदयेश, प्रीतम सिंह डटे रहे।
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इन नेताओं ने दिनभर वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं से मुलाकात भी की। सोमवार को दिल्ली में इंदिरा, हरक और प्रीतम ने अंबिका सोनी और जनार्दन द्विवेदी से भी मुलाकात की। वहीं, विधायक सुबोध उनियाल भी मुख्यमंत्री के लिए दिल्ली में लॉबिंग करते दिखे।

उधर, कांग्रेस प्रवक्ता मुकुल वासनिक से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इस तरह की अटकलों का जवाब देना ठीक नहीं समझते।

मंत्रियों और विधायकों के दिल्ली में डटे रहने के सवाल के जवाब में वासनिक ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि मंत्री और विधायक सिर्फ एक ही काम से दिल्ली आए हों।

हरीश खेमा सक्रिय
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार गुलाम नबी के पर्यवेक्षक बनने की खबर से हरीश रावत खेमा सक्रिय हो गया है। इस खेमे का कहना है कि हाईकमान की ओर से गुलाम नबी को 2002 और 2012 में भी पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा गया था।
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और तब भी इन्होंने हरीश रावत को मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं सौंपने की रिपोर्ट हाईकमान को दी थी। अब फिर गुलाम नबी को लेकर हरीश रावत खेमा इस संबंध में आलाकमान को नाराजगी जता सकता है।
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