महात्मा गांधी चरखे पर कैसे सूत कातते थे यदि इस प्रक्रिया को प्रत्यक्ष देखना है तो परेड ग्राउंड चले आएं। यहां आयोजित खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में खादी थीम पर बनी पवेलियन में चरखे पर खादी के सूत की कताई और हथकरघा पर वस्त्रों की बनाई प्रत्यक्ष देख सकते हैं।
इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। बच्चों में बापू के चरखे को देखने का गजब का उत्साह है। बापू किस तरह चरखे पर सूत काता करते थे यह देख बच्चे आश्चर्य चकित हो जा रहे हैं। पवेलियन में विभिन्न खादी उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया है।
दो से अधिक स्टाल लगाए गए हैं
खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी किशन नाथ ने बताया कि प्रदर्शनी में महात्मा गांधी के दर्शन को प्रचारित एवं प्रसारित करने के लिए खादी थीम पवेलियन बनाया गया है। उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेष, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार के हस्त निर्मित खादी, ऊनी उत्पादों का दूनवासियों को लंबे समय से इंतजार रहता है। प्रदर्शनी में 200 से अधिक स्टाल लगाए गए हैं।