रुड़की में कचरे से बिजली बनाने वाले प्लांट को ओमान और हैदराबाद की दो कंपनियां संयुक्त रूप से स्थापित करेंगी।
1700 करोड़ की लागत से बनने वाला यह देश का पहला बिजली प्लांट होगा, जिससे निकला अवशेष सड़क निर्माण में प्रयोग होगा। सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सिडकुल ने टेंडर में सफल रही कंपनी को प्लांट स्थापित करने के लिए विगत 27 नवंबर को अधिकृत पत्र जारी कर दिया है।
रुड़की में लगने वाली इस प्लांट के लिए हरिद्वार के अलावा देहरादून के शहरी क्षेत्रों का कचरा भी प्रयोग में लाया जाएगा। इस तरह से इन शहरों में कचरे के डंपिंग की समस्या से भी निजात मिलेगी। न्यू सेंटर एनर्जी एलएलसी (सल्तनत ऑफ ओमान) और बीएसआर ग्रीन लि. हैदराबाद संयुक्त रूप से सक्सेशफुल बिडर के रूप में चयनित हुए हैं।
ये दोनों कंपनियां मिलकर इस प्लांट को स्थापित करेंगी। इससे पहले ये कंपनियां ओमान, स्वीटजरलैंड, इंडोनेशिया, कनाडा, जर्मनी समेत आधा दर्जन से ज्यादा देशों में यह प्लांट स्थापित कर चुकी हैं। फिलहाल इन दोनों कंपनियों को काम करने के लिए सिडकुल ने अधिकृत पत्र जारी कर दिया है।