उपनल चेयरमैन पद से एकाएक हटाए गए रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल एमसी बधानी ने राज्य आपदा प्रबंधन सलाहाकार समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।
उपनल चेयरमैन पद से हटाए जाने से नाराज जनरल बधानी ने सीएम को अपना इस्तीफा भेज दिया है। जनरल बधानी के आपदा प्रबंधन सलाहाकार समिति से इस्तीफा के बाद अब वह सीधे तौर पर सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने के मूड में हैं।
उपनल चेयरमैन पद से हटाए जाने से नाराज
जनरल बधानी को उपनल के चेयरमैन पद से हटाए जाने से बेहद नाराज हैं। बधानी ने अमर उजाला में प्रकाशित आउटसोर्सिंग पर श्रीनगर मेडिकल कालेज में भर्तियों में भ्रष्टाचार के एक मामले में सीएम हरीश रावत से जांच की सिफारिश की थी।
जनरल बधानी ने मामले में निगम के एमडी को दो बार जांच के लिए पत्र लिखा। यह भर्तियां सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत के निर्देश पर की जा रही थी। सीएम ने मुख्य सचिव सुभाष कुमार को जांच सौंपी, लेकिन जांच अधर में लटक कर रह गई।
घोटालों के दस्तावेज होने का दावा
जनरल बधानी ने भर्तियों के कई घोटालों के दस्तावेज होने का दावा जताया, लेकिन जांच ठंडे बस्ते में जाने से जनरल को बैकफुट पर आना पड़ा।
लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद सरकार ने बधानी को उपनल चेयरमैन पद से हटाया तो उसके पीछे कारण सैनिक कल्याण मंत्री को माना गया। हालांकि सरकार ने इसके पीछे तर्क यह दिया कि उनकी अधिक जरूरत आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति में है।
सैंद्धांतिक कारणों से दिया इस्तीफा
जनरल बधानी ने कहा कि उन्हें सैद्धांतिक कारणों से राज्य आपदा प्रबंधन सलाहाकार समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। जब सरकार को बतौर उपनल चेयरमैन विश्वास नहीं है तो समिति अध्यक्ष रहने का फायदा क्या है।
बधानी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उपनल में भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने पर उनकी जांच करवाने के बजाए पद से हटाना तर्कसगंत नहीं है। ऐसे में अन्य किसी पद पर सेवाएं देना सैद्धांतिक रूप से उचित नहीं है।