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सरकार के खाते में गैस एजेंसियों ने डाला डाका

Tue, 23 Feb 2016 02:56 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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गैस एजेंसियों की मनमानी कहीं महंगी ना पड़ जाए। एजेंसियां उपभोक्ताओं के खाते पर डाका डालकर सब्सिडी का सिलेंडर निकालकर ब्लैक में बेच दे रही हैं। जिससे केंद्र सरकार को नुकसान हो रहा है। केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी तेल कंपनियों को कड़ा पत्र जारी किया है। पत्र मिलने के बाद तेल कंपनियों में हड़कंप मचा है। कंपनियों ने गैस एजेंसियों को पत्र जारी कर चेतावनी दी है।
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31 मार्च को सब्सिडी के बचे सिलेंडरों का कोटा खत्म हो जाएगा। ऐसे में गैस एजेंसियों में लूट मची है। एजेंसियां उपभोक्ताओं के सब्सिडी के बचे हुए सिलेंडर ब्लैक में बेचने के प्रयास में जुटी हैं। जिन उपभोक्ताओं ने साल में 12 सब्सिडी सिलेंडर में से छह या सात अब तक इस्तेमाल किए हैं उनके खाते से एजेंसियां सिलेंडर ब्लैक में बेच रही हैं। एजेंसियों के फार्मूले के मुताबिक 21 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक किया जा सकता है।

21 दिन से पहले गैस सिलेंडर की जरूरत पड़ती है तो उसे एजेंसी में एक शपथ-पत्र लिखकर देना पड़ रहा है कि उसे सिलेंडर की सख्त आवश्यकता है। उसके बाद ही उसे सिलेंडर मिल रहा है। उपभोक्ता बचे हुए सिलेंडरों को इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। ऐसे में एजेंसियां सब्सिडी वाले सिलेंडरों को ब्लैक में धड़ाधड़ बेच रही हैं। हालांकि एजेंसियों को इससे खास लाभ नहीं हो रहा है। लेकिन केंद्र सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लग रही है।
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माना कोई उपभोक्ता साल में सिर्फ छह ही सिलेंडर इस्तेमाल करता है तो सरकार को सिर्फ छह गैस सिलेंडर पर ही सब्सिडी देनी पड़ती। लेकिन एजेंसियां कोटे के बचे सिलेंडरों को ब्लैक में बेच दे रही हैं। इससे केंद्र सरकार को काफी नुकसान हो रहा है। सूत्र ने बताया कि तेल कंपनियां हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम ने सभी गैस एजेंसियों को चेतावनी के साथ-साथ पत्र जारी की गई है।

उपभोक्ता भी पीछे नहीं
कुछ उपभोक्ता गैस एजेंसियों में सेटिंग कर सब्सिडी का सिलेंडर आसपास के किराएदारों में ब्लैक में बेच रहे हैं। जिससे उनको दोगुना फायदा हो रहा है। उपभोक्ता को केंद्र सरकार से सब्सिडी का पैसा भी मिल जा रहा है और ब्लैक में भी कुछ कमाई हो जा रही है।

इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। गैस बुकिंग कराए बिना उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी का पैसा आ रहा है। कई गैस एजेंसियों को चेतावनी दी गई है कि आगे से इस तरह की शिकायत आई तो कार्रवाई की जाएगी।
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- पीएस पांगती, जिलापूर्ति अधिकारी
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