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उपभोक्ताओं के सिलेंडर पर एजेंसियां कर रहीं खेल

Mon, 22 Feb 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं को नहीं बल्कि केंद्र सरकार को चूना लगा रही हैं। एजेंसियां उपभोक्ताओं के सब्सिडी के बचे हुए सिलेंडरों पर डाका डाल रही हैं जिससे एजेंसी को मात्र 100 रुपये का लाभ होता है। वहीं केंद्र सरकार को प्रति सिलेंडर 150 से 200 रुपये सब्सिडी उपभोक्ताओं के खाते में डालने पड़ते हैं।
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इससे केंद्र सरकार को हर माह लाखों रुपये का नुकसान होता है। जिन उपभोक्ताओं को सिलेंडर की जरूरत नहीं होती है उनको फायदे होते हैं। क्योंकि गैस सिलेंडर इस्तेमाल किए बीना उनके खाते में सब्सिडी के पैसे आ जाते हैं। इसलिए वह शिकायत नहीं करते।

ऐसे चलता है ब्लैक का खेल
सभी गैस एजेंसियों को पता होता है कि उनके क्षेत्र में कितने उपभोक्ता हैं जो साल में 12 से कम सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं। कई उपभोक्ता ऐसे भी हैं जो साल में सिर्फ छह ही सिलेंडर इस्तेमाल कर पाते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं पर गैस एजेंसियों की पैनी नजर होती है।
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एजेंसियां इनके खाते से सब्सिडी का शेष सिलेंडर निकालकर ब्लैक में बेच देती हैं जिससे उन्हें प्रति सिलेंडर 100 रुपये का फायदा होता है लेकिन केंद्र सरकार को प्रति सब्सिडी 150 से 200 रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है।

दरअसल उपभोक्ताओं को सब्सिडी का सिलेंडर लेने के लिए प्रति सिलेंडर 609 रुपये देने पड़ते हैं जिसमें से 169 रुपये उसके खाते में वापस आ जाते हैं।

नान सब्सिडी का सिलेंडर उपभोक्ताओं को 617 रुपये में मिलता है। जबकि ब्लैक में करीब 700 रुपये में एक सिलेंडर बिकता है। कुल 100 रुपये की कमाई के चलते यह सब खेल खेला जा रहा है। यह रेट हर माह घटता बढ़ता रहता है।

मनमानी पर तेल कंपनियां सख्त
गैस एजेंसियों की मनमानी पर तेल कंपनियां सख्त हैं। आईओसी ने डीलरों को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अब से किसी भी उपभोक्ता के सब्सिडी का सिलेंडर निकालने का मामला प्रकाश में आया तो क्रिमनल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। सूत्र ने बताया कि एलपीजी के डिप्टी सेक्रेटरी केएम महेश ने सभी एजेंसियों को इस तरह के फर्जीवाड़े की रिपोर्ट मांगी है।

यहां होती है ब्लैक सिलेंडर की सप्लाई
ब्लैक सिलेंडर की सप्लाई सबसे ज्यादा उन क्षेत्रों में होती है जहां पर छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल की व्यवस्था बनाई गई है। बिदौली, पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी, ग्राफिक एरा, रायपुर, प्रेमनगर आदि स्थानों के आसपास के दुकानों के ब्लैक सिलेंडर की सप्लाई होती है। दुकानदार छोटे सिलेंडरों में रीफिलिंग के लिए सिलेंडर लेते हैं।

इनका है कहना
हर रोज दर्जनों शिकायत आती हैं कि उपभोक्ता ने सिलेंडर बुक नहीं कराया, मगर उसके खाते में सब्सिडी का पैसा आ गया है। आधुनिक गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं की ज्यादा शिकायतें आती हैं।
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- पायल पैन्यूली, खाद्य निरीक्षक अधिकारी
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