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सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं, कोई और व्यवस्था कर लें!

Mon, 24 Feb 2014 07:25 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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अगर आप गैस का इंतजार कर रहे हैं, तो मंगलवार से गैस का इंतजार बढ़ता चला जाएगा। घरेलू गैस सिलेंडर का एक मूल्य तय करने, एमजीडी गाइडलाइन के नियमों में बदलाव सहित 8 सूत्री मांग के लिए मंगलवार से गैस एजेंसियां हड़ताल पर रहेंगी।
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गैस एजेंसियां मंगलवार को राजपुर रोड से जिलाधिकारी कार्यालय तक विरोध जुलूस भी निकालेंगे। फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया और ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के बैनर तले प्रदेश में भी गैस एजेंसियों ने मंगलवार से एजेंसी कार्यालय और गोदाम पर ताले जड़ने की घोषणा कर दी है।

एजेंसियों को परेशान करने का आरोप

सोमवार को शिवा गैस एजेंसी में पत्रकार वार्ता के दौरान दून एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स देहरादून के अध्यक्ष चमन लाल ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, गैस कंट्रोल ऑर्डर, एक्सप्लोजिव्स एक्ट, सेल ऑफ गुड्स एक्ट, एमडीजी 2001, वेट एंड मेजरमेंट एक्ट, कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, मोनापाली एंड रेस्ट्रेक्टिव ट्रेड प्रेक्टिसेस एक्ट, पैक्ड कोमोडिटीज एक्ट आदि इसके व्यापार में लागू हैं।

ऐसे में कठोर दंडात्मक प्रावधान लाकर एजेंसियों को परेशान किया जा रहा है। ऑयल कंपनियों ने एमडीजी 2013 को 25 नवंबर 2013 से लागू करने के आदेश दिए थे। मगर एजेंसियों के विरोध के कारण तेल मंत्रालय ने इसे 15 फरवरी 2014 तक रोकने और बदलाव के निर्देश दिए। मगर तेल कंपनियों ने कुछ बदलाव कर 21 फरवरी 2014 से एमडीजी-2014 के नाम से लागे कर दिया है। पत्रकार वार्ता में चमन लाल, विनेश कुमार, स्वराज मेहता, अरविंद, सरोज, सत्यशील, विनोद आदि मौजूद थे।

ये हैं मांग

-गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी का हो फुल-प्रूफ सिस्टम
-घरेलू गैस सिलेंडर के एक दाम तय हों
-सिलेंडर पर पिल्फर प्रूफ सील लगे
-बाजार में नॉन आईएसआई प्रमाणित छोटे सिलेंडरों की बिक्री रोकी जाए
-एमडीजी-2014 के नए और कठोर नियमों को समाप्त किया जाए
-देश में बिना जमीनी काम किए नई गैस एजेंसियां न खोली जाए
-वितरकों के समान ही ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के निर्णयों की पारदर्शिता व जवाबदेही तय हो
-गैर अनुदानित उत्पादों जैसे कॉमर्शियल सिलेंडर, चाय, चावल को इससे अलग किया जाए

पहाड़ में नहीं होगा हड़ताल का असर

गैस एजेंसियों की हड़ताल के बावजूद पहाड़ में गैस सप्लाई जारी रहेगी। गढ़वाल मंडल विकास निगम और कुमाऊं मंडल विकास निगम के हड़ताल से अलग रहने के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में गैस की समस्या नहीं होगी। देहरादून जिले में भी करीब 8 एजेंसियां हड़ताल से बाहर रहेंगी। हालांकि गैस एजेंसी एसोसिएशन ने जबरन एजेंसियां बंद कराने की चेतावनी दी है।

ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन और फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया की प्रदेशव्यापी हड़ताल का राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में असर नहीं पड़ेगा। दरअसल देहरादून जिले की 6 एजेंसियों के साथ ही गढ़वाल मंडल के पहाड़ी जिलों में गैस सप्लाई और बिक्री की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम की है।

जिसकी करीब 33 एजेंसियां हैं। वहीं कुमाऊं मंडल के पहाड़ी जिलों में बनी 31 से अधिक गैस एजेंसियों पर गैस आपूर्ति और बिक्री का जिम्मा कुमाऊं मंडल विकास निगम का है। दोनों की निगमों ने हड़ताल में शामिल होने से इंकार कर दिया है। इस कारण गैस की आपूर्ति और बिक्री मंगलवार को भी होगी।

जीएमवीएन सरकारी उपक्रम है, इसलिए सीधे हड़ताल में शामिल नहीं हो सकती। अगर जबरन एजेंसियां बंद कराने के बाद सोचा जाएगा।- दिनेश धनै, चेयरमैन, जीएमवीएन
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जबरन बंद कराएंगे एजेंसी

जिले में हिमानी गैस एजेंसी, गढ़ी गैस सर्विस, डोईवाला, डाकपत्थर, विकासनगर, मसूरी और ऋषि गैस सर्विस ऋषिकेश जीएमवीएन से संबंधित हैं। हड़ताल में जीएमवीएन के शामिल न होने पर ये एजेंसियां खुली रहेंगी। मगर दून एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने एजेंसियां नहीं खुलने देने की चेतावनी दी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष चमन लाल ने कहा कि एजेंसियां खुली होंगी तो सभी एजेंसी कर्मी मिलकर जबरन बंद कराएंगी।

आपात सेवा को मिलेंगे कॉमर्शियल सिलेंडर
हड़ताल की बंदिश से गैस एजेंसियों ने आपातकालीन सेवाओं को अलग रखा है। अस्पतालों और अन्य आवश्यक आपात सेवाओं के लिए गैस आपूर्ति की जाएगी। मगर हड़ताल में 19 किलो और 35 किलो के कॉमर्शियल सिलेंडर मिल सकेंगे।

बढ़ेगा सब्सिडी सिलेंडर पर खतरा
गैस एजेंसियों की हड़ताल से सबसे अधिक नुकसान उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा। एक तो उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल सकेगी, वहीं दूसरी ओर सब्सिडी का सिलेंडर लैप्स होने का खतरा भी बढ़ जाएगा। जानकारों की मानें तो फरवरी महीने में भी अभी तक सभी लोगों को सब्सिडी का सिलेंडर नहीं मिल सका है। अधिकतर एजेंसियों में लगभग 2 से 3 दिन का बैकलॉग है, जबकि कुछ एजेंसियां अभी भी जनवरी के ही सिलेंडर बांट रही है।
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