टीवी धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के संगीत निर्देशक सुनील पटनी की गढ़वाली फिल्म ‘ल्या ठुंगार’ 26 दिसंबर को रिलीज हो रही है।
वन तस्करी रोकने का दिया संदेश
दून के साथ दर्शक इसे काशीपुर और दिल्ली में भी देख पाएंगे। इसकी खासियत है कि आपदा के बाद केदार घाटी में फिल्माई गई यह पहली फिल्म है। इसमें वन तस्करी रोकने का संदेश दिया गया है।
अंजवाल के बाद अब दर्शक नई गढ़वाली फिल्म ‘ल्या ठुंगार’ (लो स्वाद) 26 दिसंबर से देख पाएंगे। इसे दून के पायल सिनेमा में सुबह 10 बजे से प्रदर्शित किया जाएगा। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री हरीश रावत करेंगे। इसकी एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है।
टिकट की कीमत 30, 50 और 80 रुपए है। फिल्म में मुख्य भूमिका सुनील पटनी की पत्नी मोहिनी ध्यानी पटनी ने निभाई है। मोहिनी ने बताया कि आपदा के बाद पर्यटकों के दिलों में उत्तराखंड के लिए खौफ का माहौल बन गया है।
इसे दूर करने के लिए इस फिल्म की शूटिंग केदारघाटी में की गई। हालांकि शूटिंग के वक्त काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कहीं रास्ता नहीं था तो कहीं बिजली। शूटिंग गुप्तकाशी, ऊखीमठ, चोपता, दुग्गलविट्टा भी की गई है।
तीन भाइयों की कहानी है ‘ल्या ठुंगार’
कहानी तीन भाइयों की जिंदगी पर आधारित है, जो वन बचाने के लिए तस्कर काली से निपटते हैं। अंत में उसे जेल करा देते हैं। फिल्म दर्शकों को काफी हंसाने वाली है।
हमें फिल्म के लिए दिनभर के शो चाहिए थे, जो मल्टी प्लेक्स में नहीं थे। ऐसे में पहले इसे पायल सिनेमा में दिखाया जा रहा है। कुछ समय बाद फिल्म मल्टी प्लेक्स में भी लगेगी।