क्रेडिट बेस्ड च्वाइस सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत पहली बार ग्रेजुएशन में लागू किए गए सेमेस्टर सिस्टम की गाड़ी पहले ही एग्जाम में अटक गई है। गढ़वाल विवि की परीक्षाएं दिसंबर में संपन्न होने के बाद आज तक परिणाम जारी नहीं होने से 15 हजार से ज्यादा छात्र परेशान हैं। विवि प्रशासन का कहना है कि सेमेस्टर सिस्टम की कुछ औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, इसलिए परिणाम रोका गया है।
गढ़वाल विवि ने सत्र 2015-16 में पहली बार बीए, बीएससी, बीकॉम सहित सभी ग्रेजुएशन के कोर्सेज में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया था। इसके तहत सेशनल परीक्षाएं होने के बाद विवि ने दिसंबर में प्रथम सेमेस्टर की एग्जाम कराए।
तीन महीने बीत गए लेकिन, गढ़वाल विवि ने एक भी कोर्स का परिणाम जारी नहीं किया है। जबकि अब दूसरे सेमेस्टर के एग्जाम सिर पर आ गए हैं। इस वजह से 15 हजार से ज्यादा छात्र परेशान हैं। उनका कहना है कि उन्हें पहले सेमेस्टर का परिणाम ही पता नहीं चला तो वह दूसरे सेमेस्टर की तैयारी कैसे करें।
होनहारों को लगेगा झटका
सीबीसीएस लागू होने का फायदा तो होगा लेकिन होनहारों का इसका नुकसान भी होगा। दरअसल, अब छात्रों के रिजल्ट में जो ग्रेडिंग की जाएगी, वो हर विषय में पूरे विश्वविद्यालय के औसत के हिसाब से की जाएगी। ऐसे में हाई परसेंटेज लाने वाले छात्र भी पिछड़ सकते हैं। हालांकि अभी रिजल्ट आने के बाद ही पूरी स्थित साफ होगी। सेमेस्टर सिस्टम के तहत हर छात्र को सेमेस्टर पास करने के लिए कम से कम नौ ग्रेड प्वाइंट लाने होंगे।
इनका है कहना
सेमेस्टर सिस्टम में ऑर्डिनेंस जैसी कई औपचारिकताएं पूरी किए बिना परिणाम जारी नहीं किया जा सकता है। सभी छात्रों का परिणाम तैयार हो चुका है। औपचारिकताएं पूरी होते ही रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। हम नहीं चाहते कि रिजल्ट में कोई खामी छात्रों के लिए परेशानी का सबब बने। वैसे भी, छात्र दूसरे सेेमेस्टर में प्रमोट हो जाते हैं।
-प्रो. डीएस नेगी, ओएसडी, गढ़वाल विवि