गढ़वाल राइफल्स के 78वें कोर्स की पीओपी
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गढ़वाल राइफल्स के 78वें कोर्स के 229 रिक्रूटों ने शनिवार को आयोजित एक समारोह में देश की आन, बान और शान की रक्षा की शपथ ली और भारतीय सेना की प्रतिष्ठित गढ़वाल रेजीमेंट का अंग बने। पुनरीक्षक अधिकारी ब्रिगेडियर राजेंद्र जोशी सेना मेडल ने पीओपी परेड की सलामी ली। इससे पूर्व उन्होंने रिक्रूटों की परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने युद्ध स्मारक स्थित वीर सैनिक की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों का स्मरण किया।
बिग्रेडियर राजेंद्र जोशी ने रिक्रूटों को संबोधित करते हुए कहा कि वह देश की रक्षा की खातिर किसी भी परिस्थितियों में तत्पर रहेंगे और जोखिमों का डटकर सामना करेंगे। उन्होंने कहा कि गढ़वाल रेजीमेंट की शौर्य गाथाओं की लंबी सूची है। हमारे पूर्वज सैनिकों ने विश्व पटल पर अपने साहस की अमिट छाप छोड़ते हुए देश और रेजीमेंट का नाम रोशन किया। उन मूल्यों व आदर्शों को अब नवनियुक्त सैनिकों को आगे बढ़ाते हुए रेजीमेंट का नाम रोशन करना है।
इस मौके पर 229 रिक्रूटों ने अपने बांए कंधे से सफेद डोरी उतारकर दाहिने कंधे पर साहस की प्रतीक लाल रंग की स्कारलेट लाल डोरी धारण करते हुए राइफलमैन का दर्जा हासिल किया। इस मौके पर धर्म गुरू शंशाक शेखर डिमरी की अगुवाई में पहुंची राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष रिक्रूटों ने अपना हाथ धार्मिक ग्रंथ पर रखकर राष्ट्र की रक्षा व तिरंगे का मान रखने की शपथ ली। राष्ट्रीय ध्वज टोली में सुबेदार अमित सिंह, नायब सुबेदार पवन रावत, नायब सुबेदार विजय पंवार, सीएचएम नरेंद्र नेगी, सीएचएम भूपेंद्र बैजवाल रहे। समारोह में नवनियुक्त सैनिकों ने शानदार परेड का प्रदर्शन किया। परेड का नेतृत्व राइफलमैन नवीन बिष्ट ने किया। इस मौके पर सैन्य अधिकारी और उनके परिजन भी मौजूद रहे।
बेस्ट रिक्रूटों को किया सम्मानित
पुनरीक्षक अधिकारी ब्रिगेडियर राजेंद्र जोशी ने 34 सप्ताह के प्रशिक्षण दौरान विभिन्न क्रियाकलापों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले रिक्रूटों को पुरस्कृत किया। कुलदीप सिंह को ऑलराउंडर का गोल्ड मेडल, राजीव सिंह को फिजीकल में रजत, जसपाल सिंह को कास्य पदक, ड्रिल में सर्वोतम रहे नवीन सिंह, फाइरिंग में सर्वोतम रहे पंकज सिंह को पदक प्रदान किए गए। नायक धीरेंद्र सिंह को उत्तम प्रशिक्षक, नायब सुबेदार कल्याण सिंह ई कंपनी को उत्तम प्रशिक्षक प्लाटून कमांडर का पदक दिया गया। चैंपियनशिप बैनर का खिताब ई कंपनी को मिला। सुबेदार नंदकिशोर ने पुनरीक्षक अधिकारी के हाथों यह बैनर ग्रहण किया।