वाटरग्रेस और ईकोन कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। इसके कारण राजधानी के 47 वार्डों से कूड़ा नहीं उठ पाया। उधर कंपनी और कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका।
नगर निगम के पुराने 47 वार्डों से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी वाटरग्रेस-ईकोन कंपनी की है। पिछले दो दिनों से कंपनी के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। जिसके चलते इन वार्डों से कूड़ा नहीं उठ रहा है। कूड़ा नहीं उठने के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। बुधवार को शहर में लक्खी बाग, भंडारी बाग सहित कई मुख्य इलाकों में जगह-जगह कूड़ा देखने को मिला। उधर कंपनी और कर्मचारियों के बीच वार्ता भी हुई, लेकिन बात नहीं बन सकी। नगर निगम ने दावा किया बुधवार को तीसरी कंपनी सनलाइट को कूड़ा उठान में लगाया गया।
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कंपनी और कर्मचारी के बीच विवाद, दून के लोगों को हो रही परेशानी
ईकोन व वाटरग्रेस कंपनी और कर्मचारियों के बीच चल रहा यह विवाद निगम और दून के लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। पूर्व में भी कई बार कर्मचारी हड़ताल पर जा चुके हैं। कई दिन बाद हड़ताल पर रहने के बाद मामला सुलझा था, लेकिन अब फिर वही स्थिति है। लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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कंपनी और कर्मचारियों के बीच चल रही खींचतान का नुकसान निगम को उठाना पड़ रहा है। निगम ने तीसरी कंपनी के माध्यम से कूड़ा उठवाया है। - डाॅ. अविनाश खन्ना, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी