नगर निगम के कुछ वार्डों में पार्षद ही कूड़ा उठान में खेल कर रहे हैं। यहां पार्षदों ने कूड़ा उठान के लिए अपने निजी वाहन लगाए हुए हैं जो लोगों से निर्धारित मूल्य से दो से तीन गुना तक चार्ज वसूल रहे हैं। निगम की गाड़ी यहां कूड़ा उठाने के लिए आती है तो उसे वापस भगा दिया जाता है। इससे बेवजह लोगों की जेब ढीली हो रही है। कुछ लोगों ने नगर निगम प्रशासन से इस संबंध में शिकायत भी की है, लेकिन पार्षदों पर कार्रवाई करने से निगम प्रशासन भी पीछे हट रहा है।
देहरादून नगर निगम के अंतर्गत 100 वार्ड आते हैं। इनमें से 99 वार्डों में नगर निगम ने घर-घर कूड़ा उठान के लिए तीन कंपनियों को ठेेका दे रखा है। 69 वार्डों में फिलहाल चेन्नई एमएसडब्ल्यू, जबकि 15-15 वार्डों में मैसर्स ईकॉन और मैसर्स सनलाइट घर-घर कूड़ा उठान का कार्य कर रहे हैं। यह कंपनियां घर-घर कूड़ा उठान के लिए 50 रुपये प्रतिमाह लोगों से लेती हैं। इस सबके बीच कुछ वार्डों में पार्षदों ने अपने निजी वाहन घर-घर कूड़ा उठान में लगा रखे हैं। जो लोगों से 100 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रतिमाह कूड़ा उठान के लिए ले रहे हैं। जबकि उनका निगम से कोई अनुबंध नहीं है। बताया जा रहा है कि यह पार्षद अनुबंधित कूड़ा उठान वाली कंपनियों के वाहनों को अपने क्षेत्रों में नहीं आने दे रहे हैं। जिससे लोगों को मजबूरन इन्हीं पार्षदों के वाहनों को कूड़ा देना पड़ रहा है और उसके बदले में दो से तीन गुना पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। अनुबंधित कंपनियां भी कई बार इसकी शिकायत नगर निगम से कर कर चुकी हैं, लेकिन इन पार्षदों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
कुछ वार्डों में पार्षदों के निजी वाहनों से कूड़ा उठाने की शिकायत मिली है। यह भी पता चला है कि यह वाहन लोगों से ज्यादा चार्ज वसूल रहे हैं। संबंधित वार्डों के स्वास्थ्य निरीक्षकों को इसकी जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। जल्द ही निजी वाहनों को सीज करने के साथ ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अविनाश खन्ना, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी