महिलाएं सभी वार्डों से 75 हजार रुपये यूजर चार्ज वसूल कर रही
गीले कचरे से कंपोस्ट खाद भी तैयार कर रहीं हैं। इस अभिनव प्रयास को शहरी कार्य संस्थान प्रकाशित कर चुका है। वर्तमान में 11 वार्डों में 47 महिलाएं और दो महिला सुपरवाइजर कूड़ा एकत्रीकरण कर रहीं हैं। उनके प्रभावित होकर नगर पंचायत कपकोट में एक वार्ड में दो महिलाएं ये काम कर रहीं हैं। उन्हें 1,41,000 मानदेय दिया जा रहा है।
दो सुपरवाइजर को 10 हजार का मानदेय दिया जाता है। ये महिलाएं सभी वार्डों से 75 हजार रुपये यूजर चार्ज वसूल कर रही हैं। सचिव शहरी विकास नितेश झा का कहना है कि यह अभिनव प्रयास अन्य निकायों के लिए मिसाल है।
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तिरस्कार झेलकर मिली कामयाबी
कूड़ा संग्रहण के दौरान इन महिलाओं के लिए चुनौतियां भी कम न थीं। निकृष्ट कार्य मानने वाले समाज के बीच इनको तिरस्कार का सामना करना पड़ा। कई बार उनको कूड़ेवाली के नाम से पुकारा जाता, जिससे उनका मनोबल प्रभावित होता था। वार्डों में जब काम शुरू हुआ तो गीला और सूखा कूड़ा मिलाकर देते थे, जो वार्डों से मुख्य मार्गों तक सिर पर ढोते समय उनके कपड़े भी गीले हो जाते थे। दुर्गम वार्डों तक वाहन संचालन न होने पर गर्मी, सर्दी व बरसात में सिर पर कूड़ा ढोना बेहद मुश्किल काम था।