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इस जेल में नियम-कायदे ताक पर रखकर अब कुख्यात सीख रहे 'धर्म' का पाठ

Tue, 06 Mar 2018 11:28 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
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jail - फोटो : DEMO PHOTO
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दो कैदियों से मोबाइल फोन मिलने के बाद सुर्खियों में आई हरिद्वार जेल से एक नया विवाद जुड़ रहा है। बताया जाता है कि सोमवार की शाम को जेल कैंपस में धार्मिक महापंचायत की गई। चर्चा यह भी है कि नियम कायदे  ताक पर रखकर दो कैदियों की मुलाकात भी कराई गई। जेल के पहरेदार भी मूकदर्शक बने रहे।

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हरिद्वार जेल का विवादों से पुराना नाता है।  एक पखवाड़े में दो कैदियों से मोबाइल फोन मिलने का संगीन प्रकरण अभी शांत पड़ा भी नहीं था कि सोमवार को सामने आई एक चर्चा से एक नया विवाद जुड़ गया।

चर्चा ये है कि जेल में पंजाब, चंडीगढ़ और मुरादाबाद से आए चार सिखों के जत्थे ने जेल कैंपस में करीब डेढ़ सौ कैदियों की धार्मिक महापंचायत की है। यह जत्था पंजाब की एक प्रभावशाली गुरुद्वारा कमेटी का बताया जा रहा है।
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पूरे एक घंटा जेल में यह जत्था मौजूद रहा। इसी दौरान वेस्ट यूपी के एक बहुचर्चित हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कुख्यात से भी खुले स्थान पर मुलाकात कराने की चर्चा है, जबकि इस कुख्यात की मुलाकात नए नियम के अनुसार केवल बुधवार को ही हो सकती है, वो भी जाली वाले कक्ष में कराने का प्रावधान है।

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आखिर कब तय होगी जवाबदेही

jail - फोटो : demo
एक दूसरे कैदी की भी मुलाकात हुई, ये कैदी भी काफी चर्चित है। आईजी जेल पीवीके प्रसाद ने बताया कि जेल अधीक्षक आयोजन करा सकते है, आयोजन शाम को क्यों हुआ इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। दो कैदियों की मुलाकात के बारे में भी जेल अधीक्षक से बात की जाएगी।

आखिर कब तय होगी जवाबदेही
हरिद्वार। जेल में कैदियों से मोबाइल फोन मिलने की पुष्टि खुद भले ही जेल प्रशासन ने की है। बड़ा सवाल ये है कि जेल में आखिर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे। यह जवाबदेही या जिम्मेदारी किसकी है कि जेल में आपत्तिजनक वस्तु न पहुंचे। ये अभी तय नहीं हो सका है। देहरादून बैठे कारागार विभाग के अफसर भी अभी चुप्पी साधे हुए है।

पंजाबी (सिख) कैदी भेदभाव की शिकायत कर रहे थे। इसलिए एक गुरुद्वारा कमेटी के जत्थेदार यहां आए थे। एक कैदी गुरविंदर से उन्होंने मुलाकात की है, दूसरे कुख्यात कैदी से मुलाकात की बात गलत है।
- बीपी पांडेय, जेल अधीक्षक
 
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