एक दूसरे कैदी की भी मुलाकात हुई, ये कैदी भी काफी चर्चित है। आईजी जेल पीवीके प्रसाद ने बताया कि जेल अधीक्षक आयोजन करा सकते है, आयोजन शाम को क्यों हुआ इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। दो कैदियों की मुलाकात के बारे में भी जेल अधीक्षक से बात की जाएगी।
आखिर कब तय होगी जवाबदेही
हरिद्वार। जेल में कैदियों से मोबाइल फोन मिलने की पुष्टि खुद भले ही जेल प्रशासन ने की है। बड़ा सवाल ये है कि जेल में आखिर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे। यह जवाबदेही या जिम्मेदारी किसकी है कि जेल में आपत्तिजनक वस्तु न पहुंचे। ये अभी तय नहीं हो सका है। देहरादून बैठे कारागार विभाग के अफसर भी अभी चुप्पी साधे हुए है।
पंजाबी (सिख) कैदी भेदभाव की शिकायत कर रहे थे। इसलिए एक गुरुद्वारा कमेटी के जत्थेदार यहां आए थे। एक कैदी गुरविंदर से उन्होंने मुलाकात की है, दूसरे कुख्यात कैदी से मुलाकात की बात गलत है।
- बीपी पांडेय, जेल अधीक्षक