मांडूवाला में दबिश देकर आरोपी हरवीर को किया गिरफ्तार
एसटीएफ देहरादून और पंजाब गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स ने मांडूवाला में दबिश देकर आरोपी हरवीर को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में उसने बताया कि उसकी जुगनू निवासी पटियाला से रंजिश चल रही थी। पांच अप्रैल को जुगनू ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। उसने भी अपने छह साथियों को बुला लिया। इसके बाद दोनों गुटों के बीच फायरिंग होने लगी। इसी दौरान धरमिंदर सिंह भिंदा की गोली लगने से मौत हो गई। आरोपी ने बताया कि दोनों गुट वर्चस्व के लिए गैंगवार कर रहे थे। घटना के बाद सभी चंडीगढ़ आ गए। यहां से अलग-अलग होकर निकल गए। वह बस से देहरादून आया और एकांत की तलाश करते हुए मांडूवाला में आकर रुका था। एसएसपी ने बताया कि हरवीर गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई गैंग का सदस्य है। लॉरेंस विश्नोई तिहाड़ जेल, दिल्ली में बंद है। हरवीर को पंजाब पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। टीम में एसआई नरोत्तम बिष्ट, कांस्टेबल दीपक चंदोला, प्रमोद के साथ एसटीएफ उत्तराखंड की तकनीकी टीम और पंजाब पुलिस के जवान थे।
एक साल में पंजाब पुलिस के साथ एसटीएफ का चौथा अभियान
अपराधियों की धरपकड़ के लिए उत्तराखंड एसटीएफ और पंजाब पुलिस का एक साल में यह चौथा संयुक्त अभियान था। इससे पहले जनवरी में पंजाब के पठानकोट बम ब्लास्ट के साजिशकर्ता को शरण देने के मामले में ऊधमसिंह नगर के चार आरोपियों को उत्तराखंड एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। इसी साल जनवरी में पाकिस्तान बॉर्डर से 40 किमी दूर डोगरा फरीदकोट (पंजाब) में उत्तराखंड एसटीएफ ने अरबों की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रोहित कुमार को गिरफ्तार गिरफ्तार किया था। 2021 में पंजाब के वांछित गैंगस्टर संदीप सिंह उर्फ भला शेखू, फतेह सिंह उर्फ युवराज, अमनदीप सिंह और जगवंत सिंह ने ऊधमसिंह नगर के काशीपुर थाना क्षेत्र में शरण ली थी। पंजाब पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई कर चारों को काशीपुर स्थित एक फार्म हाउस से हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। एसटीएफ प्रभारी ने बताया कि उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स संगठित अपराध पर लगातार नजर रख रही है। लगातार पड़ोसी और अन्य राज्यों की पुलिस के संपर्क में है।