उत्तर प्रदेश गिरोह बंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप के विशेष न्यायाधीश गुरुबख्श सिंह ने गैंगस्टर के मामले में एक दोषी को दो साल के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि जमा न0 करने पर दोषी को सात दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 2017 में विकासनगर कोतवाली निरीक्षक शिशुपाल नेगी ने शाहरुख उर्फ काकू, सलीम उर्फ लुक्का, इनाम और इंतजार निवासी डांडा जीवनगढ़ के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद इनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। कहा था कि यह लोग संगठित गिरोह बनाकर अपराध करते हैं। मामले में सलीम उर्फ लुक्का जेल में बंद था। गैंगस्टर कोर्ट ने सुनवाई के बाद सलीम को दोषी करार दिया। सजा पर सुनवाई के दौरान सलीम का कहना था कि वो दो साल से जेल में है। उसकी पैरवी करने वाला कोई नहीं है। उधर, अभियोजन पक्ष ने आरोपी को अभ्यस्त अपराधी बताते हुए अधिक से अधिक सजा देने की मांग उठाई। गैंगस्टर कोर्ट ने सलीम को दोषी मानते हुए दो साल के सश्रम कारावास और पांच हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।