फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापरवाही : दून अस्पताल में फायर वाटर पंप खोला तो बैटरी ही नहीं चली

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
दून अस्पताल में सोमवार को फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान कई खामियां मिलीं। दमकल विभाग की टीम ने फायर वाटर पंप को शुरू किया तो उसकी बैटरी ही नहीं चली। चार अग्निशमन यंत्र खराब मिले। लापरवाही पर वरिष्ठ अग्निशमन अधिकारी किशोर उपाध्याय ने अधिकारियों को फटकार लगाई।

दून अस्पताल की ओर से फायर सेफ्टी के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, लेकिन दमकल विभाग के अधिकारी जब इसकी हकीकत जानने पहुंचे तो तैयारियों की एक-एक कर सभी परतें खुल गईं। फायर वाटर शुरू करने के लिए कहा तो उसकी बैटरी ही नहीं चली। इससे यह पता चलता है कि लंबे समय से फायर सेफ्टी का रिहर्सल नहीं किया गया था। यह सब तब सामने आया है, जब हाल ही में भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पूरे देश में सुरक्षा मॉक ड्रिल की गई है। ऐसे में दून अस्पताल का फायर सेफ्टी सिस्टम फेल होना कई सवाल खड़े कर रहा है। पिछले वर्ष अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में आग लगी थी। इसमें काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। वरिष्ठ अग्निशमन अधिकारी किशोर उपाध्याय ने बताया कि अस्पताल में फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान मिली खामियों को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि बुधवार को एक बार फिर से अस्पताल पहुंचकर इसकी समीक्षा करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन






अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी में हर रोज पहुंचते हैं तीन हजार मरीज



अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी में हर रोज करीब तीन हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा सैकड़ों मरीज भर्ती भी रहते हैं। अस्पताल में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम न होना गंभीर मामला है। कुछ दिन पूर्व लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में आग लग गई थी। इसकी चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई थी। अस्पताल में भर्ती करीब 250 मरीजों को बाहर निकाला गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें