बृहस्पतिवार दोपहर को निर्माणदायी कंपनी ने यहां मलबा हटाकर यातायात बहाली के प्रयास शुरू किए थे। देर शाम को यहां वाहनों की आवाजाही शुरू तो करा दी, लेकिन मलबे के ढेर के ऊपर से वाहनों की आवाजाही के कारण यहां हादसे की आशंका बनी हुई है। तेखला, तिलोथ, जोशियाड़ा, मनेरा होते हुए लंबी दूरी तय करने के बजाय अधिकांश लोग इसी हिस्से से आवाजाही कर रहे हैं।
उधर, शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे ओजरी डबरकोट में भूस्खलन सक्रिय होने से यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया। एनएच के अधिकारियों ने तत्काल मशीनें लगाकर मलबा साफ करने का काम शुरू किया।
यहां शाम करीब पांच बजे यातायात बहाल हो पाया। इस हिस्से में भी पहाड़ी से रुक-रुक कर बोल्डर गिरने और सड़क दलदली होने के कारण यातायात खासा जोखिम भरा बना हुआ है। उक्त दोनों भूस्खलन क्षेत्र यात्रा मार्ग के लिए नासूर बन गए हैं। यहां हल्की सी बरसात में भी भूस्खलन सक्रिय होने से यातायात अवरुद्ध हो रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार बारहमासी सड़क निर्माण का काम पिछले तीन दिन से भुगतान न होने के चलते बंद है। पिथौरागढ़ से घाट तक 36 किमी के हिस्से में निर्माण कार्य रुका हुआ है।
पिथौरागढ़ से घाट तक बारहमासी सड़क का काम कर रही पिथौरागढ़ की पीएसआर कंपनी ने भुगतान न होने के चलते बुधवार से सड़क का काम रोक दिया है। सड़क का ठेका दिल्ली की गैनन डंकरली एंड कंपनी को मिला हुआ है।
सब कांट्रैक्ट देहरादून की भारत कंस्ट्रक्शन का है। भारत कंस्ट्रक्शन ने सड़क निर्माण का काम पिथौरागढ़ की पीएसआर कंपनी को दिया हुआ है। यही कंपनी सड़क का काम कर रही है। भुगतान का मामला फंसने पर पिछले तीन दिन से पिथौरागढ़ से घाट तक सड़क का काम बंद पड़ा है। भुगतान की अच्छी खासी रकम अवशेष बताई जा रही है।
एनएच खंड लोहाघाट के सहायक अभियंता पीएल चौधरी ने भुगतान का मामला फंसने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि विभाग की जिम्मेदारी अनुबंधित गैनन डंकरली एंड कंपनी को भुगतान करने की है। कंपनी को लगातार भुगतान किया जा रहा है।