गंगा की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व त्याग चुके प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद की मांगों के समर्थन में देशभर के गंगा प्रेमी और वक्ता 19 व 20 जनवरी को मातृसदन में जुटेंगे। जहां दो दिवसीय गोष्ठी में गंगा की रक्षा के लिए मंथन किया जाएगा और स्वामी सानंद की मांगों को मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयारी की जाएगी।
गंगा की रक्षा के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर स्वामी सानंद ने आमरण अनशन के 112वें दिन 11 अक्तूबर को अपने प्राण त्याग दिए थे। स्वामी सानंद के आंदोलन को आगे बढ़ाने की कमान मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने खुद के कंधों पर उठाई और 24 अक्तूूबर से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। आत्मबोधानंद के अनशन को 84 दिन पूरे होने के बाद भी सरकारी सिस्टम नहीं जागा और गंगा की रक्षा के लिए की गई मांगों पर ध्यान नहीं दिया।
अब आंदोलन को आगे बढ़ाने और स्वामी सानंद की मांगों को पूरा करने की मांग उठाने को मातृसदन में 19 व 20 जनवरी को मंथन किया जाएगा। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने बताया कि गोष्ठी में नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रवर्तक मेधा पाटकर समेत कई पर्यावरणविद् कार्यक्रम में शामिल होंगे। ये सब गंगा पर किए अपने शोध प्रस्तुत करेंगे और गंगा की रक्षा के लिए अपने विचार रखेंगे।
साथ ही सरकार का ध्यान मूल समस्याओं की तरफ ले जाने के लिए और आगे की रणनीति बनाने के लिए विचारविमर्श करेंगे। उन्होंने बताया कि गोष्ठी में बनी रणनीति के आधार पर ही आगे का आंदोलन चलाया जाएगा।