सामाजिक संस्थाओं ने भी बनाई दूरी
वैसे तो धर्मनगरी में गंगा स्वच्छता को लेकर अनेक सामाजिक संगठन बने हुए हैं। लेकिन, गंगनहर बंदी के दौरान अधिकतर सामाजिक संस्थाएं गंगा की साफ-सफाई के लिए आगे नहीं आईं। हरकी पैड़ी से लेकर गंगनहर में कहीं भी पानी नहीं था, बावजूद इसके अधिकांश सामाजिक संस्थाओं ने गंगा की निर्मलता के लिए सफाई अभियान चलाने से दूरी बनाए रखी।
ऊपरी गंगनहर बंदी के दौरान साफ-सफाई के लिए कम समय मिलता है। बात रही गंगा की पूरी तरह से साफ-सफाई के लिए जन सहभागिता की जरूरत थी, जो इस बार नहीं दिखी। बावजूद इसके फिर भी जरूरी कार्य निपटा लिए गए हैं। साफ-सफाई के लिए खुद विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी एक दिन का श्रमदान किया था। - विकास त्यागी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश