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Dehradun: मास्टर चाभी के जरिये एटीएम से रुपये चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा, इन दो दिनों को चुनते थे घटना का दिन

Mon, 11 Sep 2023 05:50 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

इस गिरोह को दसवीं पास अमित कुमार चलाता है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह घटना के लिए दूसरे और चौथे शनिवार को चुनते हैं। ऐसा इसलिए कि इन दिनों बैंकों की छुट्टी रहती है।
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एटीएम - फोटो : pixabay(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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विस्तार
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पुलिस ने एटीएम से मास्टर चाभी के माध्यम से रुपये चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग एटीएम में धन निकासी वाले स्थान पर फाइबर की काली पट्टी लगा देते हैं। जो व्यक्ति पैसे निकालने आता है उसके पैसे खाते से तो कट जाते हैं लेकिन एटीएम से बाहर नहीं आते। इसके बाद गिरोह के ये सदस्य मास्टर चाभी से एटीएम खोलकर ट्रे से पैसे निकाल लेते हैं। इनके पास से पुलिस को 2.70 लाख रुपये नकद, मास्टर चाभी और कुछ डेबिट कार्ड मिले हैं।

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एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि डोईवाला पुलिस को कुछ दिन पहले ऐसे एक गिरोह के बारे में पता चला था। बताया गया था कि एटीएम में धोखाधड़ी से पैसे निकालने वाला यह गिरोह डोईवाला के आसपास ही घूम रहा है। इस पर पुलिस ने चेकिंग के दौरान डिग्री कॉलेज के पास से एक दिल्ली नंबर की कार को रोका। इसमें चार युवक बैठे हुए थे। इनसे पूछताछ की गई तो कोई वाजिब जवाब नहीं दे पाए और पुलिस से इधर-उधर की बातें करने लगे। इस पर कार का डैशबोर्ड खोलकर देखा तो उसमें से 2.70 लाख रुपये बरामद हुए। इसके अलावा कुछ चाभियां और डेबिट कार्ड भी कार के डेशबोर्ड में रखे हुए थे।

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पूछताछ में युवकों ने अपने नाम अमित कुमार निवासी चाणक्य पैलेस पार्ट, जनकपुरी, दिल्ली, सुनील कुमार झा निवासी छावला, नजफगढ़, दिल्ली, शिवम सिंह निवासी भगवती गार्डन एक्सटेंशन, उत्तमनगर नई दिल्ली और हनी निवासी द्वारिका मोड़, मोहनगढ दिल्ली बताए। इन्होंने डोईवाला क्षेत्र के पांच एटीएम से पैसे चोरी करने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के खिलाफ डोईवाला कोतवाली में धोखाधड़ी और चोरी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। यह गिरोह दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान आदि में भी कई जगह घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। ये सभी उत्तराखंड में पहली बार आए थे। चारों को न्यायालय के आदेश से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

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नौं इंच लंबी और दो इंच चौड़ी होती है पट्टी
जिस पट्टी का ये इस्तेमाल करते हैं वह नौ इंच लंबी और दो इंच चौड़ी होती है। ये लोग सुनसान जगहों पर बने एटीएम को चुनते हैं। मौका पाकर इस पट्टी को गिरोह का एक सदस्य धन निकासी वाले स्थान पर लगा देता है। व्यक्ति जब डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर पैसे निकालने की कोशिश करता है तो पैसे खाते से कट जाते हैं लेकिन बाहर नहीं निकलते। ये रुपये वापस कैश ट्रे में भी नहीं जाते हैं। इसके बाद एक व्यक्ति एटीएम में घुसता है और मास्टर चाभी से एटीएम खोलकर पैसे निकाल लेता है। बाकी सदस्य एटीएम कक्ष के आसपास नजर रखते हैं।

राजस्थान में एक एटीएम कक्ष में मिली थी चाभी
इस गिरोह को दसवीं पास अमित कुमार चलाता है। वह दिल्ली में एक सीएसी सेंटर भी संचालित करता है। वर्ष 2010 में एटीएम में कैश डालने वाली कंपनी ब्रिगंस आर्या में काम करता था। उसे एटीएम को खोलने और बंद करने की जानकारी है। इसी दौरान उसके दिमाग में आया कि यदि धन निकासी वाली जगह को किसी चीज से अवरुद्ध कर दिया जाए तो कैश बाहर नहीं आएगा। उसकी यह मंशा तब पूरी हो गई जब वह एक एटीएम में कैश डालने के लिए राजस्थान गया था। यहां पर एक चाभी पड़ी मिली। इस चाभी को उसने जब एटीएम में लगाया तो वह आसानी से खुल गया। इसके बाद उसने चेक किया कि यह चाभी इस कंपनी के सभी एटीएम में काम करती है। बस यहीं से उसने यह सारा खेल शुरू कर दिया। इसके बाद उसने अलग-अलग कंपनियों के एटीएम की चाभियां भी तैयार करा लीं और एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम देने लगा।

दूसरे और चौथे शनिवार को चुनते हैं घटना का दिन
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह घटना के लिए दूसरे और चौथे शनिवार को चुनते हैं। ऐसा इसलिए कि इन दिनों बैंकों की छुट्टी रहती है। अगले दिन रविवार को भी छुट्टी रहने के कारण बैंक की सारी प्रक्रियाएं रुकी रहती हैं। ऐसे में यदि लोग शिकायत भी करते हैं तो बैंक इस पर कार्रवाई सोमवार के दिन ही कर पाते हें। डोईवाला में भी घटना के लिए उन्होंने इसी तरह के वीकेंड को चुना था। उन्होंने आठ सितंबर को पांच अलग-अलग एटीएम में काली पट्टी लगाई थी। इसके लिए वह सात सितंबर की रात में अपने साथी नवाब और सुनील झा के साथ गाड़ी से दिल्ली से हरिद्वार हरिद्वार और ऋषिकेश होते हुए डोईवाला पहुंचा था। आठ सितंबर की सुबह हनी, सौरभ और शिवम उन्हें डोईवाला में मिले।

ऋषिकेश में भी पांच एटीएम से निकाले पैसे
आरोपियों ने दो अलग-अलग टीमें बनाकर काम करना शुरू किया। एक टीम ने डोईवाला के एटीएम में पट्टियां लगाईं और दूसरी टीम ने ऋषिकेश में। ऋषिकेश में उन्होंने आईडीबीआई, एसबीआई, यूको बैंक, आईसीआईसीआई और यश बैंक के एटीएम में पट्टियां लगाकर घटना को अंजाम दिया। इन दोनों जगहों से कुल 10 एटीएम से करीब तीन लाख रुपये निकाले। इनमें से 30 हजार रुपये खाने पीने में खर्च कर दिए। अब वह वापस दिल्ली जाने की फिराक में थे कि पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही पकड़ लिया।
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