फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गणेश चतुर्थी पर इस शुभ मुहूर्त में लाएंगे बप्पा को घर तो दूर हो जाएंगे सारे कष्ट, जानिए इसका महत्व

Fri, 25 Aug 2017 09:12 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
गणेश चतुर्थी का पर्व इस बार 25 अगस्त से शुरू होकर 5 सितंबर तक चलेगा। ऐसे में अगर आप इस शुभ मुहूर्त में बप्पा की पूजा करेंगे तो आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। चल‌िए जानते हैं क‌ि गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है और इसका क्या महत्व है। 
विज्ञापन


भारत त्योहारों का देश है और गणेश चतुर्थी उन्हीं त्योहारों में से एक है जिसे 10 दिनों तक बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है. इस त्योहार को गणेशोत्सव या विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, पूरे भारमें भगवान गणेश के जन्मदिन के इस उत्सव को उनके भक्त बेहद ही उत्साह के साथ मनाते हैं।

ज्योत‌िषाचार्य पंड‌ित सुशांतराज के मुताब‌िक, हिन्दू कैलेंडर के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व भद्रा महीने में आता है यानि के हर साल यह त्योहार अगस्त या सितंबर के महीने पड़ता है। ऐसा माना जाता है विर्सजन के बाद वह अपने माता-पिता देवी पार्वती और भगवान शिव के पास लौट जाते हैं। 
विज्ञापन

इसल‌िए मनाते हैं गणेश चतुर्थी

ganesha
बता दें क‌ि गणेश चतुर्थी का यह शुभ त्योहार महाराष्ट्र, गोवा, केरल और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में काफी जोश के साथ मनाया जाता है। इतना ही नहीं इस त्योहार के साथ कई कहानियां भी जुड़ी हुई हैं जिनमें से उनके माता-पिता माता पार्वती और भगवान शिव के साथ जुड़ी उनकी कहानी सबसे ज्यादा प्रचलित है। 

कहा जाता है कि माता पार्वती ने अपने शरीर के मैल से भगवान गणेश का निर्माण किया था। एक बार माता पार्वती स्नान करने जा रही थी और उन्होंने गणेश को आदेश दिया जब तक वह स्नान करके न लौट आए तब वह दरवाजे पर पहरा दें। लेकिन तभी भगवान शिव वहां आ गए और गणेश ने उन्हें अंदर जाने से रोका। भगवान गणेश और शिव के बीच इस बात को लेकर काफी विवाद हुआ और क्रोध में आकर भगवान शिव ने उनका सिर काट दिया। 

यह दृश्य देखकर माता पार्वती बेहद क्रोधित होती है जिसके बाद भगवान शिव माता पार्वती को वचन दिया कि वह गणेश को नया जीवन देंगे। इस घटना के बाद भगवान शिव ने अपने साथियों को एक सिर ढूंढने के लिए भेजा, उन लोगों ने एक हाथी का सिर लाकर उन्हें दिया। भगवान शिव ने वह हाथी का सिर गणेश के धड़ से जोड़कर उन्हें नया जीवन दिया जिसके बाद भगवान गणेश को गजानन कहकर पुकारा जाने लगा।
विज्ञापन

गणेश चतुर्थी 2017: पूजा शुभ मुहूर्त और समय

प्रसाद और भोग
भगवान गणेश खाने के बेहद शौकीन थे, उन्हें कई तरह की मिठाईयां जैसे मोदक, गुड़ और नारियल जैसी चीज़े प्रसाद या भोग में चढ़ाई जाती हैं। गणेश जी को मोदक काफी पंसद थे जिन्हें चावल के आटे, गुड़ और नारियल से बनाया जाता है। इस पूजा में गणपति को 21 लड्डुओं का भोग लगाने का विधान है.

भगवान गणेश को घर लाने का समय:
मध्याह्न के समय को गणेश पूजा: सुबह 11:25 से 1 बजकर 57 मिनट
24 अगस्त को, चंद्रमा को नहीं देखने  का समय- 20: 27 बजे से शाम 21:02 बजे तक
25 अगस्त को, चंद्रमा को नहीं देखने का समय- 09: 00 बजे से 21: 41 बजे तक

अनंत चतुर्दशी दिवस पर गणेश विसर्जन
गणेश विसर्जन के लिए शुभ चोघडिया मुहूर्त
सुबह का मुहूर्त (चार, लाभ, अमृत) - 09:32 बजे- 14:11 अपराह्न
दोपहर का मुहूर्त (शुभ) = 15: 44 बजे- 17:17 बजे
शाम का मुहूर्त(प्रयोग) = 20:17 अपराह्न - 21: 44 बजे
रात का मुहूर्त (शुभ, अमृत, चार) = 23:11 बजे
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें