शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) की भूमिका महात्मा गांधी का दोनों देशों के अल्पसंख्यकों को संरक्षण का वचन दिया था। गांधी से गहलोत तक सभी ने कभी न कभी इस विषय को उठाया है।
वह सोमवार को सीएए के जागरुकता अभियान के तहत सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में भाजपा महानगर के प्रबुद्ध सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मदन कौशिक ने कहा कि लोकसभा में कई घंटों की चर्चा के बाद यह कानून बना है। इस दौरान विपक्ष समेत सभी राजनीतिक दल मौजूद थे। इसके बाद भी कुछ राज्य इसे लागू करने से मना कर रहे हैं। जो गलत है। यह राज्य का नहीं बल्कि केंद्र सरकार का विषय है।
कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया, जेएनयू एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुछ लोगों को छोड़ दें तो देश के अन्य विश्वविद्यालय सरकार के साथ हैं। पाकिस्तान से आए शरणार्थी पाकिस्तान वापस जाने से बेहतर जेल जाना समझते हैं। ऐसे में हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें नागरिकता दें।
कौशिक ने कहा कि पाकिस्तान के टैक्सपेयर अल्पसंख्यक आज हिंदुस्तान में रिक्शा चलाकर अपना परिवार पालने को मजबूर हैं। कहा कि इस कानून का विरोध करने वाले वही लोग हैं, जो 2002 से मोदी का विरोध कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाया। तीन तलाक पर निर्णय लिया। सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर मामले पर निर्णय आया, लेकिन देश में कहीं विरोध नहीं हुआ। ऐसे में सीएए का भी समर्थन करना चाहिए। इस दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष सीताराम भट्ट, पुनीत मित्तल, विनय गोयल, विश्वास डाबर, अनिल गोयल ने भी अपने विचार रखे।
इस दौरान इंजीनियर शमीम अहमद, उद्योगपति अशोक विंडलास, रवि प्रकाश अरोड़ा, रमेश बत्ता, राकेश बत्ता, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के महेश भंडारी, पंकज गुप्ता, अनिल मारवाह, सुमित अदलखा, एडवोकेट शैलबाला नेगी, अरविंद जैन, सर्वे ऑफ इंडिया की नरेंद्र सिंह रावत, धर्मपाल सिंह चौहान, भाजपा संगठन मंत्री अजय कुमार, मसूरी विधायक गणेश जोशी, राजीव उनियाल आदि मौजूद रहे।
सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ?