फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: गांधी जयंती पर 24 कैदियों को मिला रिहाई का तोहफा,13 की सजा अवधि हुई कम

Wed, 02 Oct 2019 10:10 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

उत्तराखंड सरकार ने गांधी जयंती के अवसर पर 11 आजीवन कारावास के बंदी और 13 सिद्धदोष बंदियों को समय से पूर्व जेल से रिहा किया है। बंदियों के जेल में बेहतर आचरण के सापेक्ष भोगी गई सजा को पर्याप्त मानते हुए, उनकी बची हुई सजा को माफ कर दिया गया है।

विज्ञापन


आजीवन कारावास के रिहा किए 11 बंदियों में सभी भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सजायाफ्ता थे। रिहा किए गए बंदियों में जिला कारागार देहरादून से भगवती प्रसाद और राकेश उर्फ बंटी हैं। जिला कारागार हरिद्वार से रमजान, इकबाल उर्फ भूरा और बलवीर सिंह हैं।



संपूर्णानंद शिविर सितारगंज से मनोहर सिंह, भगवान सिंह, केंद्रीय कारागार सितारगंज के दलीप सिंह, बहादुर राम, जगदीप सिंह उर्फ दीपा और मंजीत सिंह हैं। इन सभी के मामलों में अपराध की प्रकृति, आयु, वृद्धावस्था, स्वास्थ्य, पारिवारिक परिस्थितियों, भविष्य में अपराध करने की आशंका नहीं होने और सदाचरण के कारण भोगी गई सजा को पर्याप्त मान लिया गया। इसके अलावा 13 सिद्धदोष कैदियों की भोगी गई सजा को पर्याप्त मानते हुए उनकी शेष सजा को माफ कर दिया गया है।
विज्ञापन


केंद्रीय कारागार सितारगंज में बंद रिजवान मंसूरी की चार माह, जिला कारागार देहरादून में सजा काट रहे बादल की तीन माह और अरुण साहनी की पांच माह, जिला कारागार हरिद्वार के दीपक प्रजापति की ढाई माह, सुमित सैनी की एक माह चार दिन और वरुण की तीन माह, जिला कारागार अल्मोड़ा की अमरा देवी की ढाई माह और गणेश वाल्मीकि की ढाई माह, उप कारागार हल्द्वानी के सिकंद की सात माह, रमेश कुशवाह की ढाई माह, मनोज की दो माह, मोन मंडल की दो माह और संतोष बिष्ट की सात माह की सजा माफ कर रिहा किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें