उत्तराखंड में नायब तहसीलदार से मारपीट के मामले में 13 दिन से फरार चल रहे गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे सोमवार को अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ नाटकीय ढंग से पुलिस के समक्ष हाजिर हुए।
पुलिस ने जिला अस्पताल में उनका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद प्रभारी सीजेएम सीमा डुंगराकोटी की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हल्द्वानी जेल भेज दिया।
25 अगस्त को नायब तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल के साथ मारपीट मामले में विधायक अरविंद पांडेय समेत अन्य लोगों के खिलाफ गदरपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। तब से विधायक फरार थे।
विधायक की धरपकड़ के लिए पुलिस ने जगह-जगह दबिश भी दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े। सोमवार को विधायक अरविंद पांडेय अचानक कांबोज धर्मशाला पहुंच गए। वहां से वे पूर्व सांसद बलराज पासी, विधायक राजकुमार ठुकराल, काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा समेत सैकड़ों समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर नाटकीय ढंग से थाने में हाजिर हुए।
इसके बाद एएसपी काशीपुर कमलेश उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल पहुंची। मेडिकल के बाद विधायक पांडेय को पुलिस ने प्रभारी सीजेएम सीमा डुंगराकोटी की अदालत में पेश किया।
वरिष्ठ सेवायोजन अधिकारी केएस चौहान की विधायक पांडेय के अधिवक्ता सीबी श्रीवास्तव, धर्मेंद्र शर्मा, दीवाकर पांडेय से रिमांड और जमानत को लेकर करीब 45 मिनट तक बहस हुई।
बहस के बाद प्रभारी सीजेएम ने सभी दलीलें खारिज करते हुए विधायक पांडेय को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में हल्द्वानी जेल भेज दिया। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत भी वहां मौजूद रहे।