26 को आयोजित होगा पहला सेमिनार
आईडब्ल्यूजी बैठकों के दौरान दो सेमिनार का आयोजन भी किया जाएगा। 26 जून को एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक के साथ साझेदारी में शहरों के ढांचागत विकास पर चर्चा होगी। इसमें भविष्य के शहरों का समावेशी विकास, प्रौद्योगिकी, इंफ्राटेक और डिजीटलीकरण की भूमिका पर चर्चा की जाएगी प्रतिनिधि इंडोनेशिया में दुनिया के सबसे महत्वाकांक्षी शहरों में से एक नए शहर नुसंतारा के विकास के मॉडल को समझेंगे।
देश को एयरक्राफ्ट मेंटिनेंस हब बनाने पर होगी चर्चा
27 जून को देश को सिविल एविएशन में एमआरओ (मेंटीनेंस, रिपेयर एंड ओवरऑल) हब बनाने पर एक सेमिनार में चर्चा की जाएगी। देश में विमानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन, वर्तमान में मेंटीनेंस, रिपोयर और दूसरे कामों के लिए हम दूसरे देशों पर निर्भर हैं। इस पैसे को बाहर जाने से कैसे रोका जाए, इस पर 10 से 12 विशेषज्ञ अपनी बात रखेंगे।
उत्तराखंड की समृद्ध विरासत से रूबरू होंगे अतिथि
बैठक में भाग लेने वाले विभिन्न देशें के प्रतिनिधियों को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई जाएगी। इसके अलावा उन्हें स्थानीय व्यंजन परोसे जाएंगे। रात्रि भोज पर संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। 26 और 27 जून की सुबह प्रतिनिधि ‘योग रिट्रीट’ का हिस्सा बनेंगे।
पूरे दिन बंद रहा रानीपोखरी-नरेंद्रनगर मार्ग
जी-20 की बैठक के लिए विशेष तौर पर चकाचक किए गए रानीपोखरी-नरेंद्रनगर मार्ग ने एन वक्त पर धोखा दे दिया। बारिश के चलते मार्ग पर कुछ स्थानों पर भूस्खलन के कारण मलबा आ गया। इधर, 25 को ही विभिन्न देशों के प्रतिनिधि पहुंचने शुरू हो गए थे, लेकिन रानीपोखरी-नरेंद्रनगर मार्ग बंद होने के कारण उन्हें बाया ऋषिकेश से नरेंद्रनगर पहुंचाया गया। हालांकि इस दौरान मार्ग को जीरो जोन में तबदील कर दिया गया था।