बागेश्वर में बिजली गिरने से 400 बकरियों की मौत
कुमाऊं मंडल में रविवार को हुई बारिश ने जहां गर्मी से निजात मिली वहीं जगह-जगह मार्ग बाधित हो गए। सड़क बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बागेश्वर के कपकोट के झूनी स्थित पांखूटॉप बुग्याल में बिजली गिरने से चार सौ से अधिक बकरियों की मौत हो गई। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि रविवार को 93 प्रतिशत आर्द्रता के बीच उत्तर-पूर्व दिशा में 10.8 किमी. प्रतिघंटा के वेग से हवा चली। सोमवार को मैदानी क्षेत्रों में मध्यम (35 मिमी) जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में मध्यम से भारी (60-80 मिमी) बारिश होने का अनुमान है।
पिथौरागढ़ जिले में मूसलाधार बारिश से सड़कों पर मलबा और बोल्डर आने से 10 ग्रामीण सड़कें बंद हो गईं। मुनस्यारी और धारचूला में सबसे अधिक बारिश हुई। बाटनागाड़ में सड़क पर मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग करीब चार घंटे बाधित रहा। चीन सीमा को जोड़ने वाली सोबला-ढाकर सड़क 12 घंटे बाद खुली। सड़क बंद होने से पूजा के जा रहे कई लोग और 20 से अधिक वाहन फंस गए थे।
चंपावत जिले में मौसम सामान्य रहा। शनिवार रात को 18 मिलीमीटर बारिश हुई लेकिन रविवार सुबह 11 बजे बाद से देर शाम तक आसमान में हल्के बादल छाए रहे। बागेश्वर में जिला मुख्यालय के साथ कपकोट, कौसानी, कांडा क्षेत्र में कई घंटे तक काफी तेज बारिश हुई। कपकोट क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण सरयू का जलस्तर बढ़ गया है। अल्मोड़ा में कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इस कारण तापमान चार डिग्री कम हो गया।
हल्द्वानी में रविवार सुबह छह बजे से आधे घंटे तक बारिश हुई। दिनभर बादल छाए रहे। शाम के समय हल्की धूप भी निकल गई। बारिश होने से तापमान में काफी गिरावट आ गई। तराई में लंबे इंतजार के बाद रविवार को मेघ बरसे। सुबह करीब पौने पांच बजे शुरू हुई बारिश के बाद दिनभर हल्की बूंदाबांदी जारी रही।