चौथे एजेंडे पर वैश्विक विज्ञान सलाह तंत्र को मजबूत करने पर विशेषज्ञों ने मंथन किया। एक संस्थागत तंत्र को विकसित करने पर बातचीत हुई है जिससे सभी को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि रामनगर में जी-20 समिट के तहत एक कांसेप्ट नोट तैयार होगा जिसे वर्चुअल माध्यम से बातचीत करते हुए और परिमार्जित किया जाएगा। इसके बाद अगस्त में जी-20 सीएसएआर की बैठक पुन: होगी। इसमें रामनगर के कांसेप्ट नोट को फाइनल किया जाएगा। प्रेस वार्ता में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) कार्यालय की वैज्ञानिक डॉ. परविंदर मैनी, विदेश मंत्रालय के अधिकारी नमन उपाध्याय मौजूद रहे।
जलवायु परिवर्तन से होने वाली बीमारी भी चुनौती
प्रधान वैज्ञानिक प्रो. अजय कुमार सूद ने बताया कि जलवायु परिवर्तन से होने वाली बीमारी को लेकर भी चिंतन हुआ। हमें इस दिशा में कार्य करने की जरूरत है। वन्यजीवों को केवल संरक्षण के नजरिये से नहीं देखना चाहिए। उनकी बीमारी और रोकथाम को लेकर भी कार्य होना है। उन्होंने कहा कि मानव से पशु, पशु से मानव में होने वाली बीमारी को अलग-अलग नहीं, समग्र दृष्टि से देखने की जरूरत है।
आतिथ्य से गदगद है जी-20 के मेहमान: धामी
सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि जी-20 समिट में शामिल मेहमान रामनगर में आतिथ्य से गदगद हैं। वे जब यहां से वापस जाएंगे तो प्रतिनिधि के तौर पर नहीं, बल्कि रामनगर, जिम कार्बेट पार्क और उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर की तरह यहां के बारे में अपने देशवासियों को बताएंगे। सीएम धामी यहां आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि पहले अप्रैल-मई में दो जी-20 की बैठक होने की बात थी। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नैनीताल जिले में भी बैठक कराए जाने का अनुरोध किया गया था। प्रधानमंत्री की सहमति के बाद तत्काल विदेश मंत्रालय ने नैनीताल जिला प्रशासन से संपर्क किया और रुद्रपुर, हल्द्वानी व रामनगर को देखा गया। इसके बाद जी-20 की तैयारियां शुरू की गईं। देश में होने वाली जी-20 की पांच प्रमुख बैठकों में से एक रामनगर में हो रही है। अधिकारियों ने बेहतर कार्य किया है। यह बैठक जनता के लिए एक उत्सव की तरह है जिसे लोग धूमधाम से मना रहे हैं।