पिथौरागढ़ के कनालीछीना से 35 किमी दूर पीपली क्षेत्र के गाजरी गांव के निवासी और असम राइफल में तैनात आन सिंह असम में अलगाववादी द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंग की चपेट में आने से शहीद हो गए। शहीद आन सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को गांव पहुंचा। शहीद के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं।
गांव में मचा कोहराम
चार दिन पहले शहीद के परिजनों को असम रेजीमेंट से सूचना मिली कि असम रेजीमेंट में तैनात आन सिंह धामी (35) पुत्र फून सिंह उर्फ भवान सिंह भूमिगत विस्फोटक की चपेट में आने से शहीद हो गए हैं।
सूचना मिलते ही गांव के साथ ही पिथौरागढ़ स्थित शहीद के घर में कोहराम मच गया। शहीद की पत्नी हेमा धामी उसी दिन दोनों बच्चों पुत्री अंजनी (14) और पुत्र अमित (11) को लेकर नेपाल बार्डर पर स्थित अपने गांव गाजरी चली गईं। शहीद के शव को लेकर पहुंचे असम राइफल के जवानों ने बताया कि घटना 30 नवंबर की है।
छोड़ गए पत्नी और दो बच्चे
शहीद की बेटी अंजनी पिथौरागढ़ महर्षि विद्या मंदिर में कक्षा और बेटा अमित कक्षा पांच में पढ़ता है। शहीद का यहां जनरल वीसी जोशी आर्मी पब्लिक स्कूल के पास अपना मकान है। शहीद आन सिंह के छोटे भाई डंबर धामी दुकान चलाते हैं। बड़े भाई जंग बहादुर धामी असम राइफल में और एक और बड़े भाई चंद्र सिंह धामी सीआरपीएफ में तैनात हैं।
बुधवार शाम चार बजे शहीद का शव गांव पहुंचा। सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मदनमोहन भट्ट, भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री सरस्वती धामी, दौला के प्रधान भूपेश नगरकोटी आदि ने कहा है कि आन सिंह धामी ने देश की रक्षा के लिए शहादत दी है, उनका नाम हमेशा अमर रहेगा।