बंद पड़ा क्वांसी स्थित फल सब्जी समूह केंद्र।
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काश्तकारों को घर के पास ही फसलों के वाजिब दाम उपलब्ध कराने के लिए क्वांसी में खोला गया किसान फल सब्जी समूह केंद्र बीते आठ साल से बंद पड़ा है। जिससे काश्तकारों को इस केंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा है। काश्तकारों को अपनी फसलों को बेचने के लिए 150 किमी दूर विकासनगर स्थित कृषि मंडी जाना पड़ता है। जहां फसलों को ले जाने में काश्तकारों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। साथ ही काश्तकारों को वाजिब दाम भी नहीं मिल पाता। अब काश्तकारों ने केंद्र को दोबारा से शुरू करने की मांग पर कृषि मंडी के सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने केंद्र के दोबारा से न खुलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
वर्ष 2005 में क्वांसी में 40 गांव के काश्तकारों के लिए किसान फल सब्जी समूह केंद्र खोला गया। जहां काश्तकार अपनी आलू, टमाटर, मिर्च, गोभी, मटर, अदरक, प्याज, शिमला मिर्च, दाल समेत कई नकदी फसलों को लाकर बेचा करते थे। केंद्र के खुलने से काश्तकारों को घर के पास ही फसलों के सही दाम मिल जाते थे लेकिन, पांच साल तक सुविधा देने के बाद 2010 में काश्तकारों को बिना कोई जानकारी दिए बिना ही केंद्र को बंद कर दिया गया। जिसके बाद से केंद्र में ताला लटका हुआ है। व्यापार मंडल अध्यक्ष सूर्यपाल चौहान, अध्यक्ष सूर्यपाल चौहान, चंदन राणा, सुरेश चौहान, मोहन सिंह आदि का कहना है कि प्रति बोरी के हिसाब से काश्तकारों से 200 रुपये माल-भाड़े के रूप में मिल जाते हैं। जिसके चलते काश्तकारों को फसलों को मंडी तक पहुंचाने में नुकसान उठना पड़ता है। कई बार केंद्र को दोबारा शुरू करने की मांग पर विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजे जा चुके हैं। बावजूद इसके उनकी समस्या का निस्तारण नहीं किया जा रहा है।
मामला मेरे कार्यकाल से पुराना है। इस संबध में कोई जानकारी नहीं है। अधिनस्थों से जानकरी लेकर ही इस संबंध में कुछ कह पाऊंगा। यदि केंद्र बंद हैं तो स्थानीय काश्तकारों से वार्ता कर इसे दुबारा से शुरू करवाने के प्रयास किए जाएंगे। बीआर कालाकोटी, मंडी सचिव