अगर आप भी फल खाकर सेहत बनाने के इच्छुक हैं तो यह वक्त आपके लिए मुफीद हैं। सेब, अनार, नाशपाती जैसे फल पहले के मुकाबले सस्ते हो गए हैं। तकरीबन महीने भर पहले के दामों से तुलना करें तो इनके भाव में लगभग 15 प्रतिशत तक की गिरावट है। लगातार महंगी हो रही सब्जियों के बीच फलों के लुढ़कते भाव ग्राहकों को राहत प्रदान कर रहे हैं।
दून में सेब की लोकल सप्लाई ज्यादा है। वह यहां चकराता, त्यूनी आदि जगहों से पहुंचता है। हिमाचल के हरसिल से भी सेब की आमद होती है। नाशपाती भी इन्हीं जगहों से चलकर राजधानी पहुंचती है। वहीं केले और अनार की सप्लाई पूरी तरह महाराष्ट्र पर निर्भर है।
आम की कम हुई फसल, भाव चढ़े
जहां मानसूनी सीजन में अन्य फल सस्ते हुए हैं, वहीं आम के भाव चढ़े हुए हैं। दरअसल, फसल कम रह जाने से ठीक-ठाक मात्रा में केवल चौसा पहुंच रहा है। सप्लाई सहारनपुर, बिजनौर से ज्यादा है। लंगड़ा बेहद कम है, लिहाजा इनके रेट ज्यादा हैं। यह 30-35 रुपये प्रति किलो था, जो अब 40-50 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
इस वक्त कारोबार थोड़ा ठंडा
बारिश की वजह से इस वक्त कारोबार थोड़ा ठंडा पड़ा है। सुबह मंडी पहुंचने वाले ग्राहक नदारद हैं। स्टाक निकालने में परेशानी हो रही है।
- अनिल अदलखा, निरंजनपुर मंडी स्थित फलों के थोक कारोबारी
यह हैं फलों के थोक भाव
सेब---------60-70
केला--------20-25
अनार-------60-70
नाशपाती-----40-45
(निरंजनपुर मंडी के थोक भाव)