मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार समय से शिकायतों का निस्तारण न करने वाले और भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए राजधानी और जिलों में कॉल सेंटर का संचालन करने जा रही है। कॉल सेंटर पर आने वाली शिकायतों की मॉनीटरिंग वह खुद करेंगे।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को नैनीताल क्लब में जनमिलन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि शॉर्ट नोटिस पर उन्हें नैनीताल आना पड़ा है।
वह भ्रष्टाचार मुक्त विकास चाहते हैं। जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सेंटर शुरू करने की योजना बनाई गई है। कॉल सेंटर का एक नंबर जारी किया जाएगा। जनता उस नंबर पर फोन कर अपनी समस्या दर्ज करवाएगी।
संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वह समय रहते समस्या का समाधान कर दें। समय रहते समाधान न होने पर शिकायत उच्च अधिकारियों को ट्रांसफर होती रहेगी। आखिर में यह शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच जाएगी। यदि शिकायत सही पाई गई और अधिकारियों की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 17-18 साल के दौरान राज्य में कुल 37 हजार करोड़ रुपए का निवेश हुआ है जबकि इंवेस्टर समिट के बाद निवेशक राज्य में 34 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने को तैयार हो गए हैं। जितना निवेश 18 साल में आया है उतना सिर्फ एक समिट के बाद मिलने जा रहा है।