योजना में पात्रता के लिए चार मानक निर्धारित किए हैं। केंद्र सरकार के वर्ष 2011 में कराए एसीसी सर्वे के अनुसार प्रदेश के 5.37 लाख लाभार्थी चयनित हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के 12 लाख परिवारों को आयुष्मान योजना में निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा राशन कार्ड धारक व 2012 की वोटर लिस्ट में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं। वे भी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं, लेकिन हेल्थ कार्ड बनाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर व सूचीबद्ध अस्पतालों में जाकर ही बनाने पड़ेंगे।
अस्पतालों में हेल्थ कार्ड बनाने की कोई फीस नहीं देनी होगी। जबकि सीएससी पर 30 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। प्रदेश के तीन लाख कार्यरत कर्मचारियों व पेंशनरों को भी योजना में असीमित व्यय की सुविधा मिलेगी। इसके एवज में कर्मचारियों व पेंशनरों को प्रतिमाह में अंशदान लिया जाएगा।
आयुष्मान योजना में 25 दिसंबर से चयनित लाभार्थियों के अलावा सबको निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना व एसीसी सर्वे में चयनित परिवारों को निशुल्क इलाज का लाभ मिलेगा। साथ ही राशन कार्ड व 2012 की वोटर लिस्ट में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं। वे भी योजना के लिए पात्र हैं।
-युगल किशोर पंत, अपर सचिव एवं निदेशक, एनएचएम
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राजकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों, अधिकारियों के अलावा पेंशनरों को भी आयुष्मान योजना में असीमित व्यय तक इलाज कराने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए कर्मचारियों से पदों की श्रेणी के अनुसार प्रतिमाह अंशदान लिया जाएगा।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से 100 रुपये प्रति माह अंशदान लिया जाएगा। इसी तरह तृतीय श्रेणी से 200 रुपये, द्वितीय श्रेणी से 300 रुपये, उच्च अधिकारियों से 400 रुपये और पेंशनरों को 200 रुपये अंशदान देना होगा।
सीएससी व सूचीबद्ध अस्पतालों में बनेंगे हेल्थ कार्ड
आयुष्मान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सीएससी व सूचीबद्ध अस्पतालों में ही हेल्थ कार्ड बनेेंगे। इसके लिए राशन कार्ड या वोटर आईडी, एसीसी सर्वे, सीएम स्वास्थ्य बीमा योजना से संबंधित एक आईडी व आधार कार्ड सत्यापन के लिए देना होगा। पंजीकरण के बाद ही हेल्थ कार्ड मिलेगा। इस कार्ड से प्रदेश के अलावा देश के किसी भी सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं। प्रदेश में अब तक योजना में 170 सरकारी व निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है।