चार धाम यात्रा में अधिक से अधिक तीर्थयात्रियों को शामिल करने की कोशिश में जुटी सरकार ने चारधामों में निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की है। निःशुल्क भोजन की व्यवस्था कपाट खुलने के दिन और उसकी पूर्व संध्या के लिए की गई है। इसके लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
बदरीनाथ में यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने गए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस योजना का ऐलान किया। पर्यटन सचिव उमाकांत पंवार के मुताबिक इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।
अब तक नहीं थी ऐसी व्यवस्था
मंगलवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल रहे हैं। जबिक 24 को केदारनाथ और 26 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। अब तक धामों में निशुल्क भोजन जैसी कोई व्यवस्था नहीं थी।
सरकार की ओर से धामों में कम दर पर खाने की व्यवस्था का इरादा जरूर जाहिर किया गया था। जून 2013 की आपदा के बाद 2014 में भी सरकार ने पूरे यात्रा सीजन में कई स्थानों पर इस तरह के आयोजन की व्यवस्था की थी।
सीएम ने लिया सुविधाओं का जायजा
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक सोमवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बदरीनाथ धाम पहुंच सड़क, बिजली, पानी, संचार आदि सुविधाओं को संतोषजनक माना। उन्होंने इनमें और अधिक सुधार करने के निर्देश दिए।
वहीं, चिंता का सबब बने लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र पर भी मुख्यमंत्री की निगाह गई। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में दो साल में सुरंग बनकर तैयार हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने बामणीगांव में सुरक्षा दीवार बनाने का भी निर्देश दिया।