उत्तराखंड में आउट सोर्स के माध्यम से सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में लैब, कार्यालय और शोध सहायकों की सेवाएं समाप्त करने के शिक्षा निदेशक के हवाले से एक सिरफिरे ने फर्जी आदेश जारी कर दिए।
इससे विभिन्न जनपदों में आउट सोर्स के माध्यम तैनात कर्मियों में खलबली मच गई। व्हाट्सअप में उसका आदेश वाइरल होने पर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति ने फर्जी आदेश तैयार किया है। मामले की एसएसपी से शिकायत किए जाने के साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने जनपदों में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में आउट सोर्स के माध्यम से 18 सौ से अधिक लैब एवं कार्यालय सहायक विभिन्न जनपदों के विद्यालयों में कार्यरत हैं। नौ दिसंबर को किसी व्यक्ति ने शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा की ओर से फर्जी आदेश जारी कर समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को यह कहते हुए भेज दिया कि आउट सोर्स से तैनात लैब एवं कार्यालय सहायकों का मानदेय 31 दिसंबर 2016 तक ही स्वीकृत है।
इनकी सेवाओं को अग्रिम आदेशों तक समाप्त किया जाता है। यदि 31 दिसंबर 2016 के बाद कोई संस्थाध्यक्ष इनसे काम लेता हुआ पाया गया तो उनके मानदेय के समस्त भुगतान की जिम्मेदारी उसी की होगी।
फर्जी आदेश के व्हाट्सएप में आने से जनपदों में हड़कंप मचा है। शिक्षा निदेशक आरके कुंवर का कहना है कि किसी ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी आदेश जारी किए हैं। एसएसपी देहरादून से मामले की शिकायत की गई है। जनपदों को भी इस तरह के व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।