धोखाधड़ी के मामले में शिकार करने वाला ही जुर्म के लिए दंडित होता है, वरना सही मायने में धोखाधड़ी के मामले में कथित पीड़ित भी दंडित होना चाहिए।
ठगी, धोखाधड़ी के ज्यादातर मामलों में अगर कोई लालच न करे तो वारदात हो ही नहीं सकती। इसी देहरादून दो मुंह वाले सांप के नाम पर हुई ठगी ताजी घटना की बानगी ले लें, प्रेमनगर के जूता कारोबारी अश्वनी कुकरेती के लालच ने हद ही पार कर दी है।
जालसाजों के फेर में आकर कारोबारी ने बिना किसी को बताए करोड़ों कमाने के चक्कर में 18 लाख गंवा दिए। व्यापारी ने एक बार भी दिमाग का इस्तेमाल नहीं किया और लालच के चलते दो मुंहा सांप से चार करोड़ रुपये कमाकर अमीर बनने के लालच में रुपए गंवा दिए।