उत्तराखंड में अब शिक्षकों के जाति प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। शिक्षा विभाग में अमान्य प्रमाण पत्रों से नियुक्तियों के मामले में एसआईटी को शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के साथ अब जाति प्रमाण पत्रों की जांच में भी फर्जीवाड़ा मिल रहा है।
सूत्रों की मानें हरिद्वार के कई शिक्षकों के जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। एक ही नंबर पर दो-दो लोगों को प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। एसआईटी की टीम कई दिन से तहसील के दस्तावेजों की जांच पड़ताल में जुटी है।
सूत्रों का दावा है कि यदि पूरी गहनता से जांच की गई तो जाति प्रमाण पत्रों का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हो सकता है। शासन के आदेश पर बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच में जुटी एसआईटी अमान्य प्रमाण पत्रों के कई मामलों को उजागर कर चुकी है। तीन मामलों में मुकदमा दर्ज करने के साथ अन्य में विभागीय कार्रवाई प्रचलित है।