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क्लर्क व शिक्षकों की नियुक्तियों में खेल: अशासकीय स्कूलों में पूर्व मंत्री के रिश्तेदार और करीबी लोगों को तैनाती

Thu, 07 Apr 2022 10:08 AM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रदेश में इन दिनों अशासकीय स्कूलों में क्लर्क एवं शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें खासकर हरिद्वार जिले में हुईं नियुक्तियों में खेल हुुआ है। आरोप है कि वर्ष 2021 से अब तक छह सौ से अधिक पदों पर कर्मचारियों एवं शिक्षकों की नियुक्तियां की गईं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अशासकीय स्कूलों में क्लर्क और शिक्षकों की नियुक्तियों में खेल हुआ है। नियमों को ताक पर रखकर नियुक्तियां की गई हैं। आरोप है कि एक पूर्व मंत्री के रिश्तेदार और करीबी लोगों को भी नियमों को दरकिनार कर नियुक्ति दी गई। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के मुताबिक दो अधिकारियों की समिति गठित कर मामले की जांच कराई जा रही है। 

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प्रदेश में इन दिनों अशासकीय स्कूलों में क्लर्क एवं शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें खासकर हरिद्वार जिले में हुईं नियुक्तियों में खेल हुुआ है। आरोप है कि वर्ष 2021 से अब तक छह सौ से अधिक पदों पर कर्मचारियों एवं शिक्षकों की नियुक्तियां की गईं।

शासन में मामले की शिकायत करने वाले कनखल हरिद्वार निवासी राकेश अग्रवाल के मुताबिक जिले में एक पूर्व मंत्री और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते गोरखपुर के लोगों को भी फर्जी निवास प्रमाण पत्रों के आधार पर जिले में नियुक्ति दी गई है। उन्होंने कहा कि अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियुक्तियों में जहां बड़े स्तर पर खेल हुआ है।

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दो सदस्यीय समिति गठित कर प्रकरण की जांच सौंपी

वहीं सरकारी स्कूलों में ऊर्दू के कुछ शिक्षकों को भी नियमों को अनदेखा कर नियुक्ति दी गई। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शासन को मिली विभिन्न शिकायतों के आधार पर अपर शिक्षा निदेशक मुख्यालय एसपी खाली और अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल महावीर सिंह बिष्ट की दो सदस्यीय समिति गठित कर प्रकरण की जांच सौंपी गई है।
 

जांच समिति में शामिल अपर शिक्षा निदेशक मुख्यालय एसपी खाली के मुताबिक जांच समिति की ओर से प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच समिति ने प्रकरण में शामिल विभिन्न शिकायतकर्ताओं से इस मामले में साक्ष्य मांगे हैं।इस पर उनकी ओर से बीस दिन का समय मांगा गया है।

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उन्होंने कहा कि प्रकरण में साक्ष्य मिलने पर उसकी जांच कर जांच रिपोर्ट शिक्षा महानिदेशालय को सौंपी जाएगी। अशासकीय स्कूलों में नियुक्तियों के मामले की शिकायत मिली है, जिसके आधार पर प्रकरण की जांच कराई जा रही है। शिक्षा निदेशालय को अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली।

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