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बड़ा खुलासाः फर्जी डॉक्यूमेंट से मिली IMA में नौकरी

Fri, 27 Jun 2014 10:31 AM IST
मनमीत रावत/अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून के भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में फर्जी दस्तावेजों के जरिये नौकरी हासिल करने वाले 12 युवकों के ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी थे।
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युवकों ने नौकरी हासिल करने के लिए स्कैनर और अन्य मशीनों की मदद से एज प्रूफ के तौर पर ये फर्जी लाइसेंस तैयार किए थे। सीबीआई की विशेष टीम के संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में जांच से यह खुलासा हुआ।

गत वर्ष अक्तूबर में आईएमए के सिविल पदों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति हासिल करने का मामला सामने आया था।

आईएमए ने जांच बैठाई थी

इसके बाद आईएमए ने वर्ष 2012 में हुई नियुक्तियों पर जांच बैठा दी। बाद में केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने सीबीआई जांच की संस्तुति की।

सीबीआई जांच में आयु प्रमाणपत्र के तौर पर जमा कराई गई लाइसेंस की फोटो कापी पर सवाल उठे। बृहस्पतिवार को सीबीआई विशेष टीम आरटीओ पहुंची और आईएमए में भर्ती हुए 50 युवकों के लाइसेंस संबंधी दस्तावेज मांगे।

इस दौरान 12 युवकों के दस्तावेज नहीं मिले। सूत्रों के अनुसार यह साफ हो गया है कि इन युवकों ने अपने लाइसेंस फर्जी तरीके से तैयार किए थे। बताया जा रहा है कि इनकी उम्र नियुक्ति के लिए तय उम्र से अधिक थी। फर्जी लाइसेंस बनाकर उन्होंने नौकरी हासिल कर ली।
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150 पदों पर हुई थी नियुक्तियां

वर्ष 2012 में आईएमए में लोअर डिवीजन क्लर्क, कुक, ड्राइवर, माली, अर्दली, माली, लैब अटेंडेंट के कई पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। केंद्रीय कर्मचारियों की चयन नियमावली के आधार पर आईएमए ने खुद चयन प्रक्रिया तैयार कर करीब 150 पदों पर नियुक्तियां कीं। कर्मचारियों का प्रोबेशन पीरियड दो वर्ष रखा गया है।

सैन्य अफसरों पर सवाल
फर्जीवाड़े को आईएमए की सुरक्षा में छेद के तौर पर देखा जा रहा है। आशंका है कि ऐसे फर्जीवाड़े से तो कोई आतंकी भी आईएमए में नियुक्ति पाकर खतरा बन सकता है। सूत्रों के अनुसार, इतने बड़े फर्जीवाड़े में कई सैन्य अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
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