बैंकों में कितनी संजीदगी से काम होता है, इसकी एक बानगी। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के एक खाताधारक का पैसा फार्म पर उसके हस्ताक्षर बगैर किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिया गया।
पहले तो अधिकारी उसे घुमाते रहे। बाद में आरटीआई में यह मामला खुला। अब कार्रवाई की बात कही जा रही है।
बिना जानकारी के कर दिया ट्रांसफर
मामला 18 जनवरी, 2012 का है। रोहित दुआ के बैंक के क्लेमेंटटाउन शाखा के खाते (संख्या-3160608809) से दो हजार रुपये खाता संख्या 03144342916 में ट्रांसफर कर दिए गए।
इस संबंध में पहले रोहित अपने स्तर से पता किया, लेकिन कहीं से कोई सहयोग न मिलने पर उन्होंने 20 अक्तूबर, 12 को जोनल आफिस आगरा के चीफ मैनेजर राजीव सिंह और केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी एसके रोहिल्ला से संपर्क किया।
आरटीआई से मिली सूचना
उन्होंने उनसे लिखित में शिकायत भेजने को कहा। उस पर भी कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने आरटीआई के माध्यम से पूछा कि क्या ट्रांसफर करने के लिए बैंक ने किसी प्रकार का हस्ताक्षरित फार्म प्राप्त किया था? अगर हां तो उस फार्म की सत्यापित फोटो उपलब्ध कराने का कष्ट करें।
आरटीआई में मिली सूचना में फार्म मिलने की बात कही गई, साथ ही यह भी कि इस पर खाताधारक के हस्ताक्षर नहीं थे। रोहित इस वक्त गुड़गांव में हैं। वह बार-बार अधिकारियों के चक्कर नहीं काट सकते। उन्हें इंतजार न्याय का है। अपने पैसे की भरपाई का भी।