वाहनों के फर्जी ईंधन बिलों पर 1.44 करोड़ के भुगतान घोटाले में स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने शुक्रवार को ट्रेवल एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। महानिदेशालय की जांच में भारी गड़बड़ी मिली है।
विभागीय जांच में ट्रेवल एजेंट के साथ विभाग के आठ रिटायर और सेवारत सीएमओ भी संलिप्त पाए गए हैं, लेकिन उनपर कार्यवाही शासन की जांच के बाद होगी।
यह था मामला
टिहरी, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के सीएमओ कार्यालयों में वर्ष 2009-10 से 2012-13 के बीच धड़ल्ले से गाड़ियां किराये पर ली गईं।
दिखाया गया कि इनका उपयोग वीवीआईपीज दौरों और अन्य कामकाज में किया गया। भुगतान सीएम कार्यालय के आदेश से किया गया। जांच में फर्जीवाड़े की तस्दीक हो गई।
जद में आए सीएमओ
उस समय चारों जनपदों में तैनात रहे सीएमओ कार्यवाही की जद में आ गए हैं। इनमें से तीन रिटायर हो चुके हैं, जबकि चार अभी सेवारत हैं।
महानिदेशालय ने शासन को जो जांच रिपोर्ट सौंपी है उसमें एक ट्रेवल एजेंसी को मास्टर माइंड बताया गया है। सभी सीएमओ को नियमविरुद्ध और अनावश्यक गाड़ियां किराये पर लेने का दोषी पाया गया है।