उत्तराखंड में कृषि विभाग के अफसर 19 करोड़ के बीज और रसायन खा गए। आडिट रिपोर्ट में छह साल में प्रदेश के किसानों को बांटे गए बीज की रकम सरकारी कोष में जमा न कराने का मामला सामने आया है।
कृषि विभाग किसानों को बीज और कृषि रक्षा रसायन देता है। वर्ष 2007 से वर्ष 2012-13 तक करोड़ों का रसायन और बीज किसानों को दिया गया, लेकिन अधिकतर जनपदों ने इससे मिली रकम जमा नहीं की।
11 करोड़ 20 लाख से अधिक धनराशि जमा नहीं
वर्ष 2010-11 और वर्ष 11-12 के बीज की अवशेष धनराशि ही आठ करोड़ 77 लाख रुपये से अधिक है। कृषि रक्षा रसायनों का 11 करोड़ 20 लाख से अधिक धनराशि जमा नहीं हो पाई है।
आडिट में खुलासे के बाद कृषि निदेशक सीएस मेहरा ने धनराशि के समायोजन के लिए प्रदेश के समस्त मुख्य कृषि अधिकारियों को पत्र लिखा है।
संयुक्त कृषि निदेशक केसी पाठक का कहना है कि आडिट रिपोर्ट लेखा विभाग देखता है। इस बारे में वे सोमवार को ही कुछ बता पाएंगे। उधर, कृषि निदेशक का मोबाइल ऑफ होने से उनसे संपर्क नहीं हो सका।
रसायन और बीज का पैसा कहां गया इसकी जांच कराई जाएगी। मामले में वित्तीय अनियमितता सामने आई तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-हरक सिंह रावत, कृषि मंत्री
यह मामला गंभीर है। इसे दिखाया जाएगा। रकम जमा न कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी राशि की वसूली की जाएगी।
-वीके यादव, मुख्य कृषि अधिकारी