देहरादून। पिथौरागढ़ की नदियों में चार लघु जल विद्युत परियोजनाएं बनेंगी। इसके लिए उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) ने निविदा जारी कर दी है। ईस्टर्न रामगंगा और गाेरीगंगा घाटी में कुल 62 मेगावाट क्षमता वाली चार छोटी जल विद्युत परियोजनाएं शुरू होने जा रही हैं।
ईस्टर्न रामगंगा घाटी में मुवानी में 15 मेगावाट और कमतोली में 14 मेगावाट का प्लांट लगेगा। गोरीगंगा घाटी में जिम्बा मारम में 21 मेगावाट और प्यूनसानी में 12 मेगावाट की परियोजना तैयार होगी। सरकार इन प्रोजेक्ट्स को बूट मॉडल पर करवा रही है। इसका सीधा मतलब यह है कि जो कंपनी ठेका लेगी, वही प्रोजेक्ट का डिजाइन बनाएगी, पैसा लगाएगी, प्लांट खड़ा करेगी और फिर उसे चलाएगी भी। जमीन का पट्टा लेने से लेकर सरकारी मंजूरी जुटाने तक का सारा जिम्मा उसी कंपनी का होगा। पांच अक्तूबर तक निविदा आमंत्रित की गई हैं।
कुमाऊं में कुछ और परियोजनाओं को हरी झंडी का इंतजार
गंगा बेसिन पर जल विद्युत परियोजनाओं में अड़चन आने के बाद अब राज्य सरकार कुमाऊं की नदियों पर हाइड्रो प्रोजेक्ट की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए कुछ परियोजनाओं का प्रस्ताव केंद्र के पास है। इस पर अनुमति मिलने के साथ ही कुमाऊं में कुछ बड़ी जल विद्युत परियोजनाएं भी बन सकती हैं।