अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद की अदालत ने हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट रखने के आठ साल पुराने मामले में चार लोगों को दोषी करार दिया है। चारों की सजा पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दीपावली की छुट्टी के बाद 31 अक्तूबर को चारों को सजा सुनाई जाएगी।
27 जून 2012 को विकासनगर निवासी पीयूष मित्तल पुत्र राजेंद्र कुमार मित्तल ने कोतवाली आकर पुलिस को तहरीर दी कि उसके बाबूगढ़ निवासी चाचा योगेंद्र कुमार मित्तल पुत्र ओम प्रकाश मित्तल प्रापर्टी डिलिंग एवं टिंबर का व्यवसाय करते थे। 26 जून की रात को उसके चाचा और चाची नीलम मित्तल एक कमरे में सो रहे थे जबकि, दूसरे कमरे में उसका भाई पल्लव मित्तल सो रहा था। तभी चार बदमाश लूट के इरादे से उनके घर पर घुस आए। बदमाशों ने उसके भाई के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी। जिसके बाद चारों बदमाश उसके चाचा और चाची के कमरे में घुस गए। जहां पर बदमाशों ने उसके चाचा और चाची के हाथ पैर बांध दिए। उनके मुंह पर कपड़ा ठूंस कर उन्हें खूब पिटा गया। जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए। उन्होंने उसके चाचा पर हथियारों से भी वार किया। बदमाशों के जाने के बाद चाची ने किसी तरह हाथ खोलकर दरवाजा पिटकर उसके भाई को उठाया। जिसके बाद उसका भाई पल्लव किसी तरह कुंडी तोड़कर बाहर आया। बताया कि जिस समय बदमाश घर में घुसे उस समय लाइट नहीं थी। चाचा और चाची कमरे का दरवाजा खोलकर सो रहे थे। बदमाश अपने साथ अलमारी में रखा जेवर ओर रुपये लूट कर फरार हो गए।
वारदात के बाद उसका भाई पल्लव और पड़ोस में रहने वाले अंकर पिटर उसके चाचा को लेहमन अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसके चाचा को मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस ने वारदात में शामिल दो आरोपी नदीम पुत्र मोहम्मद कासिम और आसिफ उर्फ सलीम पुत्र कय्यूम दोनों निवासी शेरकोट जिला बिजनौर यूपी को नौ जुलाई 2012 को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो तमंचे भी बरामद किए। उनके किराए के कमरे की तलाशी लेने पर पुलिस को एक लाख रुपये और खून से कैंची बरामद हुई। इसके बाद 29 जुलाई 2012 को पुलिस ने हत्या में शामिल निजाम उर्फ छोटू पुत्र रसीद निवासी नई बस्ती थाना जसपुर ऊधमसिंहनगर और 19 फरवरी 2013 को महकबीर सिंह गुर्जर पुत्र अभय सिंह निवासी सुल्तानपुर थाना हल्दौर बिजनौर को भी लूट के सामान और नकदी के साथ धर दबोचा। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद्र बहुगुणा ने बताया कि कोर्ट में कुल 18 साक्ष्यों को परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस को सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिन्हें 31 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी।