दो दिन पूर्व बनबसा इमिग्रेशन चेकपोस्ट पर दिल्ली से नेपाल जा रही यात्री बस में एक तिब्बती के साथ चार चीनी नागरिक पकड़े गए थे। तिब्बती नागरिक के पास पासपोर्ट, वीजा और अन्य कागजात थे लेकिन चारों चीनी नागरिकों के पास पासपोर्ट और वीजा नहीं था। उनके पास दिल्ली की बनी फर्जी आईडी थीं। वे अपनी नागरिकता भी नहीं बता पा रहे थे। इस पर इमिग्रेशन चेकपोस्ट कर्मियों को उन पर शक हुआ।
इमिग्रेशन चेकपोस्ट अधिकारी इंद्र सिंह ने बताया कि उनके साथ पकड़े गए तिब्बती नागरिक ने उन्हें दिल्ली में फर्जी वोटर एवं अन्य आईडी बनवा कर दी होगी। उनके पास मिली चिप के आधार पर इमिग्रेशन चेकपोस्ट के सिस्टम पर उनके वास्तविक पासपोर्ट और वीजा की जानकारी मिलने के बाद ही उनके संदिग्ध होने का पता चला। चारों चीनी नागरिकों के वीजा अलग-अलग अवधियों में पिछले वर्ष समाप्त हो चुके हैं। उन पर बिना वीजा भारत में रहने और बिना पासपोर्ट चोरी छुपे भारत से नेपाल जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
ये हैं पकड़े गए आरोपी
1. तिब्बती नागरिक केत्से सांयाल (43)
2. चीनी नागरिक जिनचांग ल्याओ (29)
3. हाइपिन नी (29)
4. सुन्जेन वैंग (37)
5. वैंग ग्वेंग कैन (37)
पकड़े गए चारों चीनी नागरिकों ने दिल्ली में तिब्बती नागरिक के रूप में अपनी फर्जी आईडी बनवाई थी। चीनी नागरिक जिन चांग ल्याओ का तिब्बती आईडी में नाम फूरबू, हाइपिन नी का पेमा, सुन्जेन वैंग का नईमा और वैंग ग्वेंग कैन का करमा है।
बैग में मिली चिप से मिलीं सूचनाएं
खासी मशक्कत के बाद इमिग्रेशन चेकपोस्ट अधिकारी इंद्र सिंह को चीनी नागरिकों के बैग में एक चिप मिली जिससे उनकी सारी सूचनाऐं एकत्र की गई। उनके पास मोबाइल भी नही था। संभावना जताई जा रही है मोबाइल पर लोकशन का पता चलने के चलते उन्होंने मोबाइल फोन नही रखें होंगे। पकड़े गए चारों चीनी नागरिकों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। उनके अन्य अपराधों के बारे में जानकारियां जुटाई जा रहीं हैं। मालूम किया जा रहा है कि कहीं उनका मकसद भारत में जासूसी का तो नहीं था।