गंगा और अन्य नदी-नहरों में डूबने वालों के शव को ढूंढना अब और भी आसान होगा।
इसको सरल बनाएगा पोलोराइड कैमरा ऑटो फोकस। जापान की एक कंपनी द्वारा तैयार पोलोराइड कैमरा ऑटो फोकस जल्द ही एसडीआरएफ के पास होगा। आने वाले दिनों में ट्रायल कर उसकी खरीद की जाएगी। विश्व बैंक की मदद से एसडीआरएफ अगले दो माह में 25 करोड़ के आधुनिक संयंत्र खरीदने जा रही है।
पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि विश्व बैंक ने एसडीआरएफ के संसाधनों के लिए 25 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं, जल्द ही इस पैसे से आधुनिक यंत्र खरीदे जाएंगे। इसके लिए पूरा प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है।
गंगा और अन्य नदी-नहरों में डूबने के बाद शवों को ढूंढना बड़ी चुनौती रहती है। इस चुनौती से निपटने के लिए जापान की कंपनी द्वारा तैयार पोलोराइड कैमरा आटो फोकस की खरीद की जाएगी। सेंसर के जरिये वह एक किलोमीटर केदायरे में पानी के अंदर पड़े शव को खोज लेगा।
इसकी कीमत करीब पांच लाख रुपए है। आपदा की स्थिति में नीचे दबने वाले लोगों को ढूंढने के लिए एक दूसरी सेंसर मशीन भी खरीदी जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मलबे में दबा शख्स जीवित है या नहीं। संजय गुंज्याल ने कहा कि इसके अलावा कुमाऊं मंडल के लिए अलग से एसडीआरएफ गठित होगी।